Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 150 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए-
आभासी शिक्षण अधिगम प्रक्रिया
- आरंभ कब और कैसे
- लाभ-हानि, सावधानियाँ
- स्थिति से सामंजस्य
Advertisements
उत्तर
आभासी शिक्षण अधिगम प्रक्रिया
इसका आरंभ लगभग 1990 के दशक से शुरू हुआ था। जो ई-लर्निंग के साथ हुई है। इसमें ऑनलाइन के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। यह छात्रों के सीखने के तरीकों में लचीलापन लाने के लिए किया गया था। इसमें छात्रों को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर के साथ छात्रों को जोड़ने, चैट आदि। इसमें उन्हें असाइनमेंट दिए जाते हैं। छात्र अपने प्रश्न मेल द्वारा पूछ सकते है।
यह सबसे अधिक लाभकारी कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन में सिद्ध हुआ। वैसे इसमें अपने समय का सही प्रयोग कर सकते हैं। अपने ज्ञान को परखने के लिए रिजल्ट सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। कहीं भी बैठकर शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। छात्र ऑडियो और वीडियो से सामग्री एकत्र करके अध्ययन कर सकता है।
इसके द्वारा ठोस ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती है। इसके लिए इंटरनेट डाटा अधिक लगता है। यह गरीब छात्रों के लिए कठिनाई खड़ी करता है। इसमें छात्र अपने परिवार को गुमराह भी कर सकते है। इसके लिए तकनीकी जानकारी होना आवश्यक है। छात्र को फ्रॉड लिंक से सावधान रहना पड़ता है।
जब किसी कारण छात्र विद्यालय नहीं जा पता तब आभास शिक्षण बहुत उपयोगी हो जाता। छात्र को चाहिए की वह ई-लर्निंग के साथ ऑफ़ शिक्षण पर भी ध्यान दे। विद्यार्थी को आभासी के साथ-साथ ऑफ़ कक्षा पर भी बराबर ध्यान रखना होगा। वह सिर्फ आभासी शिक्षण पर आश्रित होकर न रह जाए।
Notes
- भूमिका - 1 अंक
- विषयवस्तु - 4 अंक
- भाषा - 1 अंक
