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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए -
नाटक मंचन के दौरान जब मैं अपने संवाद भूल गया/गई
- मेरी मन स्थिति
- दर्शकों का उत्साहवर्धन
- सफ़लतापूर्वक नाटक की समाप्ति
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उत्तर
नाटक मंचन के दौरान जब मैं अपने संवाद भूल गया/गई
विद्यालय में नाटक खेलना वाकई एक अनुभवायोग्य अनुभव है। विद्यालय में वार्षिकोत्सव में मेरा नाटक था। मुझे मंच पर नाटक करना बहुत पसंद है। मेरे मित्र भी उनका अभिनय सही-सही से कर रहे थे। परंतु एक मेरी दोस्त मीरा ऐसी ही थी। मुझे उसके अभिनय पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था। वह स्वयं अभिनय इसलिए नहीं कर पा रही थी क्योंकि वह खेलते समय गिर गई थी। उसे चोट लगी थी। समय केवल एक सप्ताह का शेष बचा था। मैंने अपने मित्रों को पूर्वाभ्यास के सात दिनों में अच्छी तरह नाटक के पात्रों का अभिनय समझा दिया था। जिसमें मीरा, सारा अभिनय कर रहे थे। खैर मंच पर प्रदर्शन का दिन और समय भी आ गया। मेरा दिल तो बहुत जोरों से धड़क रहा था। जैसे ही नाटक शुरू हुआ नाटक करते-करते मैं अपने संवाद को भूल गई और चुप हो गई। उसके बाद सभी दर्शक मुझे ध्यान से देखने लगे। मैं सोचने लगी कि अब क्या होगा? परंतु मेरे मित्र अपने दिमाग से आगे-आगे खुद ही संवाद जोड़ते चले गए और नाटक पूरा कर दिया। सभी दर्शकों ने हम सभी का बहुत ही उत्साहवर्धन किया। मुझे यह सब देखने में बहुत मज़ा आया। इस अनुभव से यह सीखा कि समस्याओं का सामना करने के लिए संयम, सहायता, और सहानुभूति महत्वपूर्ण हैं। नाटक में एक अद्भुत प्रस्तुति की और दर्शकों के उत्साहवर्धन से आपके मन में बड़ी खुशियों के पल बिताए गए। यह अनुभव मेरे लिए अनमोल है और मैं उस दिन को कभी भूल नहीं सकती।
