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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
आदर्श विद्यार्थी
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उत्तर
आदर्श विद्यार्थी
आदर्श विद्यार्थी वह होता है जिसे विद्या से गहरा लगाव होता है। वह हर विषय का गहन ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखता है और पढ़ाई में निरंतर जुटा रहता है। कक्षा में उसका ध्यान पूर्ण रूप से पढ़ाई पर केंद्रित होता है और वह हर स्थान पर अनुशासन का पालन करता है। उसका व्यवहार और चरित्र हमेशा उच्च होता है।
एक आदर्श विद्यार्थी पढ़ाई में रुचि रखता है और ज्ञान तथा नई बातें सीखने के लिए परिश्रम करना अपना कर्तव्य समझता है। वह कठिन परिश्रम से नहीं घबराता और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रकार का त्याग करने को तैयार रहता है।
उसके मन में अपने शिक्षकों के प्रति आदर और श्रद्धा होती है। वह विनम्र होता है और जानता है कि केवल श्रद्धावान ही सच्चा ज्ञान प्राप्त कर सकता है। वह अपने आचरण से सभी को प्रसन्न करने का प्रयास करता है और इसी कारण सबका प्रिय बन जाता है।
ऐसा माना गया है कि जो विद्यार्थी बड़ों का सम्मान करता है, उसकी उम्र, ज्ञान, यश और शक्ति में वृद्धि होती है। इसलिए आदर्श विद्यार्थी में नम्रता और अभिवादनशीलता का गुण होना आवश्यक है।
एक सच्चा विद्यार्थी कभी भी आलस्य नहीं करता। वह जानता है कि आलसी व्यक्ति विद्या नहीं प्राप्त कर सकता। उसके जीवन का सिद्धांत होता है – “सादा जीवन, उच्च विचार।” वह व्यवहार और सिद्धांत दोनों में संतुलन रखता है। उसका स्वभाव शिष्ट होता है और वह सभी के साथ अच्छा व्यवहार करता है। साथ ही, वह खेल और मनोरंजन में भी भाग लेता है और उसके विचार उदार तथा दृष्टिकोण व्यापक होते हैं।
आदर्श विद्यार्थी कभी भी अपनी पढ़ाई को नजर अंदाज नहीं करता। माता-पिता की आशाएँ उसी पर टिकी होती हैं, इसलिए वह अपने अध्ययन और परिणाम पर विशेष ध्यान देता है। वह आत्मनिर्भर होता है और नई चीज़ें सीखने के लिए सदैव उत्सुक रहता है।
वर्तमान समय का आदर्श विद्यार्थी ही भविष्य में एक अच्छा नागरिक, समाजसेवी और देश का नेतृत्व करने वाला बनता है।
