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प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर 80-100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए।
सत्यमेव जयते
- भाव
- झूठ के पाँव नहीं होते
- सत्य ही परम धर्म
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उत्तर
सत्यमेव जयते
“सत्यमेव जयते” का मतलब है कि सत्य की जीत होती है। मुंडकोपनिषद् इस सूक्ति-वाक्य को उद्धृत करता है। भारत के महान सम्राट अशोक ने इस वाक्य को अपने राजचिन्ह के रूप में पहली बार प्रयोग किया था। लंबे संघर्ष के बाद भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की, तब भारतीय विचारक, समाज सुधारक और महान स्वतंत्रता सेनानी ने ‘सत्यमेव जयते’ को देश का आदर्श मान लिया।
वास्तव में, सत्य सदैव जीता है। यह भी कहावत है कि झूठ के पाँव नहीं होते, यानी झूठ कभी नहीं चलता। सत्य को जीतने में समय लगता है, लेकिन झूठ कभी भी सत्य से आगे नहीं आता। सत्य कमजोर पड़ सकता है, लेकिन हार नहीं सकता; लाखों झूठ के आडंबर सत्य को छोड़ सकते हैं, लेकिन सत्य हमेशा अटल रहता है।
सबसे बड़ा धर्म सत्य है। सत्य धर्म का आश्रय लेकर सच्चे मार्ग पर जीवन बिताने वाले लोग सफल होते हैं। भारत की कई महान विभूतियों ने सच्चे मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सुखी बनाया है।
