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निम्नलिखित विधि द्वारा धातुओं के शोधन के सिद्धान्तों की रूपरेखा दीजिए। वाष्प प्रावस्था परिष्करण - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

निम्नलिखित विधि द्वारा धातुओं के शोधन के सिद्धान्तों की रूपरेखा दीजिए।

वाष्प प्रावस्था परिष्करण

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

वाष्प प्रावस्था परिष्करण (Vapour Phase Refining) – इस विधि में धातु को वाष्पशील यौगिक में परिवर्तित करके दूसरे स्थल पर एकत्र कर लेते हैं। इसके बाद इसे विघटित करके शुद्ध धातु प्राप्त कर लेते हैं। इस प्रक्रिया की दो आवश्यकताएँ होती हैं –

  • उपलब्ध अभिकर्मक के साथ धातु वाष्पशील यौगिक बनाती हो तथा
  • वाष्पशील पदार्थ आसानी से विघटित हो सकता हो जिससे धातु आसानी से पुनः प्राप्त की जा सके।

उदाहरण – जिर्कोनियम या टाइटेनियम के शोधन के लिए वॉन-आरकैल विधि: यह Zr तथा Ti जैसी कुछ धातुओं से अशुद्धियों की तरह उपस्थित सम्पूर्ण ऑक्सीजन तथा नाईट्रोजन को हटाने में बहुत उपयोगी है। परिष्कृत धातु को निर्वातित पात्र में आयोडीन के साथ गर्म करते हैं। धातु आयोडाइड अधिक सहसंयोजी होने के कारण वाष्पीकृत हो जाता है।

\[\ce{Zr + 2l2 -> Zrl4}\]

धातु आयोडाइड को विद्युत धारा द्वारा 1800 K ताप पर गर्म किए गए टंग्स्टन तन्तु पर विघटित किया जाता है। इस प्रकार से शुद्ध धातु तन्तु पर जमा हो जाती है।

\[\ce{Zrl4 -> Zr ↓ + 2I2 ^}\]

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