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प्रश्न
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए:
एक बार सेठ जी बीमार हो गए।
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उत्तर
एक बार सेठानी बीमार हो गई।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| बहुरूपियों के बारे में हम सब जानते हैं। इन लोगों का पेशा अब समाप्त होता जा रहा है। किसी समय रईसों और अमीरों का मनोरंजन करने वाले बहुरूपिये प्राय: हर नगर में पाए जाते थे। ये कभी धोबी का रूप लेकर आते थे, कभी डाकिए का। हू-बू-हू उसी तरह का व्यवहार करके ये प्राय: लोगों को भ्रम में डाल देते थे। इनकी इसी सफलता से धोखा खा जाने वाला रईस इन्हें इनाम देता था। उसी तरह के बहुरूपिये का एक रूप मैंने राजस्थानी लोककथाओं में सुना था और मुझे वह अभी भी अच्छी तरह याद है। |
(1) एक अथवा दो शब्दों में उत्तर लिखिए:
(क) बहुरूपिये प्राय: यहाँ पाए जाते थे - ______
(ख) बहुरूपिये इनका मनोरंजन करते थे - ______
(ग) बहुरूपिये इनका रूप लेते थे - ______
(घ) ये लोगों को प्राय: भ्रम में डालते थे - ______
(2) (च) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
- गरीब
- बुरी
(छ) निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन करके लिखिए:
- बहुरूपिया
- लोककथाएँ
(3) “व्यक्तित्व विकास में कला का महत्व" अपने विचार लिखिए।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
| एक दिन साधु ने देखा कि घोड़ों-ऊँटों और बैलगाड़ियों का झुंड उसकी कुटी की तरफ चलता आ रहा है। मन में संदेह हुआ कि लोगों को उसकी असलियत का पता तो नहीं चल गया और ये सरकार के आदमी उसे पकड़ने चले आ रहे हैं। वह अभी यही सब सोच ही रहा था कि देखा, उस झुंड के आगे-आगे वही सेठ है। सेठ पास आया। उसने साधु को प्रणाम किया। गाड़ियों, घोड़ों, ऊँटों से, सोने-चाँदी के गहनों, मुहरों और जवाहरातों से भरे कलसे उतारे गए। देखते-देखते कुटी के सामने ढेर लग गया। सेठ ने साधु के चरण पकड़कर कहा- “महाराज, आपके उपदेशों से मुझे सच्चा ज्ञान प्राप्त हो गया है और इस संसार से मन फिर गया है। झूठ-कपट से मैंने जो धन कमाया है, वह सब मैं आपके चरणों में रख रहा हूँ। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)

(2) (i) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द युग्म की जोड़ी लिखिए। (1)
(ii) गद्यांश में प्रस्तुत विलोम शब्द की जोड़ी लिखिए: (1)
______ × ______
(3) साधु-सन्तों के स्वभाव के बारे में अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संजाल पूर्ण कीजिए:

परिणाम लिखिए:
बीमार सेठानी पर धूनी की चुटकी भर राख का -
परिणाम लिखिए:
बहुरूपिये की वास्तविकता जानने के उपरांत सेठ जी की स्थिति -
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए:
बहुरूपिये हू-बू-हू उसी तरह का व्यवहार करके प्रायः लोगों को भ्रम में नहीं डालते थे।
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए:
सेठानी कभी-कभी आने लगी।
निम्नलिखित विधान सही करके लिखिए:
साधु ने झगड़ा करके सेठ को लौटा दिया।
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:

निम्नलिखित वाक्यों को घटनाक्रम के अनुसार लिखिए:
- सेठ जी द्वारा सेठानी को साधु के पास ले जाना।
- बहुरूपिये का साधु का रूप लेना।
- सेठानी का बीमार होना।
- धीरे-धीरे सेठानी की तबियत सुधरना।
‘कला के प्रति ईमानदारी ही सच्चे कलाकार की पहचान है।’ इस सुवचन पर अपने विचार लिखिए।
‘सहयोग से कठिन कार्य की पूर्ति होती है’ विषय पर अपने विचार शब्दांकित कीजिए।
