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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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ज्यों ही हम टॉल्स्टॉय के अध्ययन कक्ष में घुसे, हमने एक बड़ी मेज देखी जिसपर लिखने की विविध चीजें रखी थीं। मेज पर पुस्तकें ठीक उसी तरह रखी थीं जिस तरह लेखक ने उन्हें रखा था। मोमबत्ती भी जिस तरह उन्होंने बुझा दी थी, उसी तरह रखी थी। वह न कभी जलाई गई और न उसे कभी किसी ने छुआ। एक तरफ पुस्तकों का शेल्फ था जिसमें अनेक पुस्तकें थीं। मेरे साथी ने शेल्फ से एक पुस्तक निकाल ली और कहा, “देखिए इसका कुछ संबंध गांधीजी से है।” यह महात्मा गांधीजी की पुस्तक ‘दक्षिण अफ्रीका में एक भारतीय देशभक्त’ थी। यह पुस्तक महात्मा गांधीजी ने टॉल्स्टॉय के पास भेजी थी। टॉल्स्टॉय ने इस पुस्तक के किनारे किनारे अनेक टिप्पणियाँ लिखी थीं। इस कमरे की सबसे उल्लेखनीय वस्तु वह तख्तपोश था जिसपर टॉल्स्टॉय का जन्म हुआ था। मैंने स्मारक के रूप में उसका फोटो लिया। इसके बाद हमने टॉल्स्टॉय का शयनागार देखा। वहाँ उनकी पत्नी के कई चित्र थे। हमने वहाँ एक घंटी, एक मोमबत्ती और कुछ दूसरी चीजें बिस्तर के पास मेज पर देखीं। एक आराम कुर्सी पर ऊनी कमीज टँगी हुई थी। एक कोने में सिंगार की अनेक चीजें रखी थीं। टॉल्स्टॉय सदा स्वच्छ पानी स्वयं लाते थे और गंदा पानी साफ करते थे। वे अपने कमरे को ठीक रखने में किसी और की सहायता नहीं लेते थे। |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- एक दो शब्दों में उत्तर लिखिए: [2]
- शेल्फ से पुस्तक निकालने वाला −
- ‘दक्षिण अफ्रीका में एक भारतीय देशभक्त’ पुस्तक लिखने वाले −
- तख्तपोश का फोटो निकालने वाले −
- आराम कुर्सी पर टँगनेवाली −
- ‘ऐतिहासिक धरोवरों का संवर्धन करने में हमारी भूमिका’ विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [3]
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उत्तर

- शेल्फ से पुस्तक निकालने वाला – मेरे साथी
- ‘दक्षिण अफ्रीका में एक भारतीय देशभक्त’ पुस्तक लिखने वाले – महात्मा गांधीजी
- तख़्तपोश का फोटो निकालने वाले – मैंने
- आराम कुर्सी पर जनेवाली – ऊनी कमीज़
- ऐतिहासिक धरोहरें हमारी संस्कृति और इतिहास की पहचान हैं। उनका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। हमें उन्हें स्वच्छ रखना चाहिए, नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए और दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने इतिहास को जान सकेंगी।
