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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर अपने शब्दों में लिखें।
वधू और वर दोनों को विवाहपूर्व रक्त की जाँच करानी क्यों आवश्यक है?
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उत्तर
कई लोग विभिन्न जनुकीय रोगों के वाहक हो सकते हैं। अगर माता और पिता दोनों ही इस रोग के वाहक हैं, तो उनकी संतान के होने वाले बच्चों को इस रोग का संक्रमण होने की संभावना होती है। उदा., दात्रकोशिका रक्ताल्पता, थैलेसिमिया, विविध संलक्षण विकार। ऐसे लाइलाज (कभी भी ठीक न होने वाले) रोग तथा विकृति अपनी संतान को होगी या नहीं, इसी संभावना पहले से ज्ञात होगी, तो भविष्य में होने वाली कठिनाईयों से बचा जा सकता है। एड्स जैसे रोगों से दूर रहना हो, तो अपनी भावी जोड़ीदार के रक्त की जाँच का आग्रह करना चाहिए। रक्तसमूह के कारण होने वाली एक समस्या अर्थात् एरिथ्रोब्लास्टोसीस फिटलीस रोग। माता आर. एच. निगेटिव (RH'-ve') तथा पिता आर. एच. पॉजीटिव (RH'+ve) होने पर, उनकी होने वाली संतान में बहुत जटिल समस्या निर्मित होती है।
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| अ | ब | क |
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| मधुमेह | 45 + x | पुरुष प्रजननक्षम नहीं होते |
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| टर्नर सिंड्रोम | बहुघटकीय विकृति | भ्रूण विकसित होते समय विकृति निर्माण होती है। |
| क्लाईनफेल्टर्स सिंड्रोम | एकजनुकीय विकृति | रक्त की ग्लुकोज की मात्रा पर परिणाम |
