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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: आइल बसंत के फूल रे, सुनु रे सखिया। सरसों सरसाइल अलसी अलसाइल धरती हरसाइल कली-कली मुसुकाइल बन के फूल रे, सुनु रे सखिया ।। - Hindi

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प्रश्न

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

आइल बसंत के फूल रे, सुनु रे सखिया।
             सरसों सरसाइल
             अलसी अलसाइल
             धरती हरसाइल
कली-कली मुसुकाइल बन के फूल रे, सुनु रे सखिया ।। 

आइल.........

             खेत बन रँग गइल
             तन मन रंग गइल
             अइसन मन भइल
जइसे इंद्रधनुष के फूल रे, सुनु रे सखिया ।।

आइल.........

             अँखिया कजराइल
             सपना मुसुकाइल
             कंठ राग भराइल
बगिया फूलल यौबन फूल रे, सुनु रे सखिया ।।

आइल.........

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:  (२)



(२) सहसंबंध लिखिए:  (२)

  1. सरसों - 
  2. अलसी -
  3. धरती -
  4. कली-कली -

(३) ‘प्राकृतिक सौंदर्य का महत्त्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।  (२)

आकलन
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उत्तर

(१)



(२)

  1. सरसों - सरसाइल
  2. अलसी - अलसाइल
  3. धरती - हरसाइल
  4. कली-कली - मुसुकाइल

(३) प्राकृतिक सौंदर्य अपनी किस्म का निराला होता है। उसमें किसी तरह की बनावट की गुंजाइश नहीं होती। ऐसे सौंदर्य को एकटक निहारते रहने के बावजूद मन नहीं भरता। इस सौंदर्य को बार-बार आकर देखने का मन होता है। प्राकृतिक सौंदर्य हमें हरी-भरी घाटियों, कल-कल कर बहती हुई सदानीरा नदियों उनके तटों, पहाड़ियों से झर-झर झरने वाले झरनों, आकर्षक समुद्र तटों, वनों, प्राचीन महत्त्वपूर्ण इमारतों तथा दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिलते हैं। इसीलिए इन स्थानों पर प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन करने वाले सैलानियों की हमेशा चहल-पहल देखी जाती है। इस तरह प्राकृतिक सौंदर्य बहुत महत्त्वपूर्ण होता है।

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