मराठी

निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए – 12 – 16 और 13 -15 वर्गों के यौगिक

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –

12 – 16 और 13 -15 वर्गों के यौगिक

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

वर्ग 12 के तत्वों और वर्ग 16 के तत्वों से बने यौगिक 12 – 16 वर्गों के यौगिक कहलाते हैं; जैसे- ZnS, HgTe आदि।
वर्ग 13 के तत्वों और वर्ग 15 के तत्वों से बने यौगिक 13 – 15 वर्गों के यौगिक कहलाते हैं; जैसे- GaAs, AlP आदि।

shaalaa.com
निविड संकुलित सांरचना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

एक यौगिक दो तत्त्वों M तथा N से बना है। तत्त्व N, ccp संरचना बनाता है और M के परमाणु चतुष्फलकीय रिक्तियों के 1/3 भाग को अध्यासित करते हैं। यौगिक का सूत्र क्या है।


निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?

चतुष्फलकीय रिक्ति एवं अष्टफलकीय रिक्ति


षट्कोणीय निविड संकुलन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?


निम्नलिखित में से किस संकुलित संरचना में धनायन तथा ऋर्णायन के लिए उपसहसंयोजन संख्या समान होगी?


द्विविमीय वर्ग निविड संकुलित संरचना में उपसहसंयोजन संख्या क्या होती है?


निम्नलिखित में से कौन-सा दोष प्रभंश दोष भी कहलाता है?


घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका ________।


त्रिविमीय षट्कोणीय निविड संकुलित संरचना में बनाने वाली रिक्तिकाओं के बारे में कौन-से कथन सही नहीं हैं।

  1. जब प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्ति के ऊपर द्वितीय परत के गोले उपस्थित होते हैं तो चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है।
  2. सभी त्रिकोणीय रिक्तियाँ, द्वितीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित नहीं होतीं।

  3. जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ, प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्तियों के ठीक ऊपर हों और इन रिक्तियों की त्रिकोणीय आकतियाँ अतिव्यापित न हों तो चतुष्फलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
  4. जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ प्रथम परत की समान रिक्तियों के साथ अतिव्यापक करती हैं तो अष्टफलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।

फ़्रेंकेल दोष को यह भी कहते हैं-

  1. स्टॉइकियोमीट्री दोष
  2. प्रभ्रंश दोष
  3. अशुद्ध दोष
  4. नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष

नामांकित चित्र की सहायता से दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रत्येक एकक कोष्ठिका में अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या चार होती है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×