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प्रश्न
निम्नलिखित को क्रम में लिखिए।
क्षारकीय प्राबल्य के बढ़ते क्रम में –
ऐनिलीन, पैरा-नाइट्रोऐनिलीन एवं पैरा-टॉलूडीन
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उत्तर

पैरा-टॉलूडीन में −CH3 समूह एक इलेक्ट्रॉन-दाता समूह होता है, जो नाइट्रोजन परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनता को बढ़ाता है। अतः, p-टोल्युइडीन की क्षारीयता ऐनिलीन से अधिक होती है।
दूसरी ओर, पैरा-नाइट्रोऐनिलीन में −NO2 समूह एक इलेक्ट्रॉन-आकर्षीसमूह होता है, जो नाइट्रोजन परमाणु पर इलेक्ट्रॉन घनता को कम करता है। अतः, पैरा-नाइट्रोऐनिलीन की क्षारीयता ऐनिलीन से कम होती है।
इस प्रकार, दिए गए यौगिकों की क्षारीयता के बढ़ते क्रम को निम्नलिखित प्रकार से लिखा जा सकता है:
पैरा-नाइट्रोऐनिलीन < ऐनिलीन < पैरा-टॉलूडीन
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\[\ce{C6H5N2Cl ->[CuCN] A ->[H2O/H+] B ->[NH3][\Delta] C}\]
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निम्न अभिक्रिया में A, B तथा C की संरचना दीजिए।
\[\ce{C6H5NO2 ->[Fe/HCl] A ->[NaNO2 + HCl][273 K] B ->[H2O/H+][\Delta] C}\]
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\[\ce{C6H5N2Cl + H3PO2 + H2O ->}\]
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