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निम्नलिखित को क्रम में लिखिए। गैस अवस्था में घटते हुए क्षारकीय प्राबल्य के क्रम में – C2H5NH2, (C2H5)2NH, (C2H5)3N एवं NH3

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प्रश्न

निम्नलिखित को क्रम में लिखिए।

गैस अवस्था में घटते हुए क्षारकीय प्राबल्य के क्रम में –

C2H5NH2, (C2H5)2NH, (C2H5)3N एवं NH3

लघु उत्तर
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उत्तर

गैस अवस्था में विलायकयोजन प्रभाव नहीं होता। परिणामस्वरूप, क्षारकीयता मुख्य रूप से +I प्रभाव पर निर्भर करती है। +I प्रभाव जितना अधिक होता है, क्षारकीयता उतनी ही अधिक होती है। साथ ही, क्षारीयता उन यौगिकों में अधिक होती है जिनमें अधिक संख्या में ऐल्किल समूह उपस्थित होते हैं, क्योंकि इससे +I प्रभाव बढ़ता है। अतः, दिए गए यौगिकों को गैस अवस्था में उनकी क्षारकीयता के घटते क्रम में इस प्रकार व्यवस्थित किया जा सकता है:

(C2H5)3N > (C2H5)2NH > C2H5NH2 > NH3

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ऐमीन - ऐमीनों की रासायनिक अभिक्रियाएँ
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पाठ 9: ऐमीन - अभ्यास [पृष्ठ २८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 9 ऐमीन
अभ्यास | Q 9.4 (iv) | पृष्ठ २८६

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित अम्ल-क्षारक अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए तथा उत्पाद का नाम लिखिए-

\[\ce{(C2H5)3N + HCl ->}\]


सोडियम कार्बोनेट विलयन की उपस्थिति में मेथिल आयोडाइड के आधिक्य द्वारा ऐनिलीन के ऐल्किलन में उत्पन्न होने वाले उत्पादों के लिए अभिक्रिया लिखिए।


निम्नलिखित के कारण बताइए।

यद्यपि ऐमीनों समूह इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं में आर्थो एवं पैरा निर्देशक होता है, फिर भी ऐनिलीन नाइट्रीकरण द्वारा यथेष्ट मात्रा में मेटानाइट्रोऐनिलीन देती है।


निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।

कार्बिलऐमीन अभिक्रिया


निम्नलिखित पर लघु टिप्पणी लिखिए।

ऐसीटिलन


निम्न परिवर्तन निष्पादित कीजिए।

ऐनिलीन से p-ब्रोमोऐनिलीन


निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।

\[\ce{C6H5NH2 + H2SO4 {(सांद्र)} ->}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।

\[\ce{C6H5N2Cl + C2H5OH ->}\]


निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।

\[\ce{C6H5NH2 + (CH3CO)2O ->}\]


ऐरोमैटिक प्राथमिक ऐमीन की नाइट्रस अम्ल से अभिक्रिया लिखिए।


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