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प्रश्न
निम्नलिखित का मेल करें।
| (क) | चरण सिंह | (१) | औद्योगिक |
| (ख) | पी. सी. महालनोबिस | (२) | जोनिंग |
| (ग) | बिहार का अकाल | (३) | किसान |
| (घ) | वर्गीज कुरियन | (४) | सहकारी डेयरी |
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उत्तर
| (क) | चरण सिंह | (१) | किसान |
| (ख) | पी. सी. महालनोबिस | (२) | औद्योगिक |
| (ग) | बिहार का अकाल | (३) | जोनिंग |
| (घ) | वर्गीज कुरियन | (४) | सहकारी डेयरी |
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"अर्थव्यवस्था में राज्य की भूमिका पर जोर देकर भारतीय नीति निर्माताओं ने गलती की। अगर शुरुआत से ही निजी क्षेत्र को खुली छूट दी जाती तो भारत का विकास कहीं ज्यादा बेहतर तरीके से होता" इस विचार के पक्ष एवं विपक्ष अपने तर्क दीजिए।
निम्नलिखित अवतरण को पढ़ें और इसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दें:
आज़ादी के बाद के आरंभिक वर्षों में कांग्रेस पार्टी के भीतर दो परस्पर विरोधी प्रवृत्तियाँ पनपीं। एक तरफ राष्ट्रिय पार्टी कार्यकारिणी ने राज्य के स्वामित्व का समाजवादी सिद्धांत अपनाया, उत्पादकता को बढ़ाने के साथ - साथ आर्थिक संसोधनों के संकेंद्रिण को रोकने के लिए अर्थव्यवस्था के महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों का नियंत्रण और नियमन किया। दूसरी तरफ कांग्रेस की राष्ट्रीय सरकार ने निजी निवेश के लिए उदार आर्थिक नीतियाँ अपनाई और उसके बढ़ावे के लिए विशेष कदम उठाए। इसे उत्पादन में अधिकतम वृद्धि की अकेली कसौटी पर जायज़ ठहराया गया।
- फ्रैंकिन फ्रैंकल
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