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प्रश्न
निम्नलिखित हैलाइड के एथेनॉल में सोडियम हाइड्रॉसाइड द्वारा विहाइड्रोहैलोजनन के फलस्वरूप बनने वाली सभी ऐल्कीनों की संरचना लिखिए। इसमें से मुख्य ऐल्कीन कौन-सी होगी?
2, 2, 3-ट्राइमेथिल-3-ब्रोमोपेन्टेन
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उत्तर
हैलाइड में दो भिन्न प्रकार के β-हाइड्रोजन परमाणु उपस्थित हैं। अतएव विहाइड्रोहैलोजनन अभिक्रिया में 3, 4, 4-ट्राइमेथिलपेन्ट-2-ईन तथा 2-एथिल-3, 3-डाइमेथिलब्यूट-1-ईन यह दो ऐल्कीन का निर्माण होगा। पहला ऐल्कीन अधिक स्थिर है, क्योंकि यह अधिक प्रतिस्थापित (more substituted) है (सेत्जेफ नियम के अनुसार)। अतएव यह प्रमुख उत्पाद है।

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\[\ce{CH3CH2CH = CH2 + HBr ->[{परॉक्साइड}]}\]
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प्राथमिक ऐल्किल हैलाइड C4H9Br (क), ऐल्कोहॉलिक KOH में अभिक्रिया द्वारा यौगिक (ख) देता है। यौगिक ‘ख’ HBr के साथ अभिक्रिया से यौगिक ‘ग’ देता है जो कि यौगिक ‘क’ का समावयवी है। जब यौगिक ‘क’ की अभिक्रिया सोडियम धातु से होती है तो यौगिक ‘घ’ C8H18 बनता है, जो कि ब्यूटिल ब्रोमाइड की सोडियम से अभिक्रिया द्वारा बने उत्पाद से भिन्न है। यौगिक ‘क’ का संरचना सूत्र दीजिए तथा सभी अभिक्रियाओं की समीकरण दीजिए।
ऐल्कोहॉलों की हैलोजन अम्लों के साथ अभिक्रियाशीलता का क्रम ______ होगा।
(A) CH3CH2—CH2—OH
(B) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3CH2-CH-OH}\\
\phantom{...}|\\
\phantom{......}\ce{CH3}
\end{array}\]
(C) \[\begin{array}{cc}
\phantom{........}\ce{CH3}\\
\phantom{.....}|\\
\ce{CH3CH2-C-OH}\\
\phantom{.....}|\\
\phantom{.......}\ce{CH3}
\end{array}\]
अभिकथन - ऐल्कोहॉल से ऐल्किल क्लोराइड बनाने के लिए फ़ॉस्फ़ोरस क्लोराइडों (ट्राइ एव पेन्टा) को थायोनिल क्लोराइड के स्थान पर वरीयता दी जाती है।
तर्क - फ़ॉस्फ़ोरस क्लोराइड शुद्ध ऐल्किल हैलाइड देते हैं।
