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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
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सोचने लगा, “यह दुनिया न्याय नगरी नहीं, अंधेर नगरी है। चोरी पकड़ी गई तो अपराध होगया। असली अपराधी बड़ी-बड़ी कोठियों में बैठकर दोनों हाथों से धन बटोर रहे हैं। उन्हें कोई नहीं पकड़ता।” बात अठन्नी की - सुदर्शन Baat Athanni Ki - Sudarshan |
- उपर्युक्त कथन को सोचने वाला व्यक्ति कौन है ? इस कथन का संदर्भ स्पष्ट कीजिए। [2]
- किस व्यक्ति से, क्या अपराध हो गया था ? कारण स्पष्ट कीजिए। [2]
- दोनों हाथों से धन बटोरने वाले लोग कौन हैं ? पाठ के आधार पर उनकी मानसिकता परप्रकाश डालते हुए बताइए कि उनके न पकड़े जाने का क्या कारण है? [3]
- ‘यह दुनिया न्याय नगरी नहीं, अँधेर नगरी है’- इस कथन का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहानीका उद्देश्य बताइए। [3]
आकलन
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उत्तर
- प्रस्तुत कथन सही है क्योंकि समजौन के निर्धन मित्र रस्सीला को जिला मजिस्ट्रेट रेखा साहब ने चोरी के अपराध में छह महीने की सजा सुनाई थी। रस्सीला ने अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया था।
- समजौन ने चोरी का अपराध किया था। वह अत्यंत गरीब था और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा था। अपने परिवार का पालन-पोषण करना उसके लिए कठिन हो गया था। इसी मजबूरी में उसने चोरी का रास्ता अपनाया, किंतु दुर्भाग्यवश चोरी करते समय पकड़ा गया और उसे दंडित किया गया।
- दोनों हाथों से धन बटोरने वाले वे लोग अत्यंत प्रभावशाली और सामर्थ्यवान होते हैं, जो अनुचित और गलत तरीकों से संपत्ति अर्जित करते हैं। वे भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और शोषण जैसे साधनों से धन कमाते हैं तथा कानून की कमजोरियों, सत्ता के प्रभाव और रिश्वत के कारण प्रायः पकड़े नहीं जाते।
- इस कथन के माध्यम से लेखक समाज में व्याप्त अन्याय और असमानता को उजागर करता है। लेखक का विचार है कि संसार में न्याय के स्थान पर अन्याय का बोलबाला है। गरीब व्यक्ति यदि विवशता में छोटा सा अपराध करता है, तो उसे कठोर दंड दिया जाता है, जबकि अमीर अपराधी खुलेआम बच निकलते हैं। इस कथन का उद्देश्य आर्थिक विषमता और न्याय व्यवस्था की खामियों की ओर समाज का ध्यान आकर्षित करना है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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