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प्रश्न
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
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भोला ने कहा, “इन्होंने मँगाई थी। कहते थे, इनसे पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेंगे।” विश्वेश्वर हतबुद्धि होकर वहीं खड़े रह गए। उन्होंने फटी हुई पतंग उठाकर देखी। उस पर चिपके हुए कागज पर लिखा हुआ था – काकी। काकी - सियारामशरण गुप्त Kaki - Siyaram Sharan Gupta |
- भोला कौन था? उसके अनुसार किसने पतंग मँगाई थी? [2]
- पतंग मैँगाने का क्या कारण था? स्पष्ट करें। [2]
- विश्वेश्वर का परिचय देते हुए बताएँ कि उनके हतबुद्धि होकर खड़े रह जाने का क्या कारण था। [3]
- यह कहानी बच्चों के स्वभाव की किन विशेषताओं को प्रकट करती है? उदाहरण सहित बताइए। [3]
आकलन
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उत्तर
- भोला सुखिया दासी का पुत्र था। उसके अनुसार पतंग श्यामूने मँगाई थी।
- श्यामू द्वारा पतंग मँगवाने का कारण यह था कि उसकी माँ का देहांत हो चुका था। गुरुजी ने उसे बताया था कि उसकी माँ अब ऊपर राम जी के पास चली गई है। इसी विश्वास के कारण श्यामू ने अपनी माँ को राम जी के पास से नीचे उतारने के लिए पतंग मँगवाई थी।
- विश्वेश्वर श्यामू के पिता थे। वे अत्यंत समझदार व्यक्ति थे, इसलिए चुप रह गए। जब उन्होंने पतंग पर काकी का नाम लिखा देखा, तब उन्हें बहुत पछतावा हुआ और उन्हें यह एहसास हुआ कि उन्होंने अनजाने में अपने बेटे को कठोर दंड दिया था।
- ‘काकी’ कहानी में बच्चों की कल्पनाशीलता, भोलेपन और गहरी संवेदनशीलता को प्रमुख रूप से दर्शाया गया है। बच्चे अपनी सरल सोच, निश्छल मन और कोमल भावनाओं के कारण कई बातों को अलग ढंग से समझते हैं। इसी कारण श्याम अपनी काकी को राम जी के पास से लाने के लिए पतंग और डोर की व्यवस्था चोरी से करता है।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
