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प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया की क्रियाविधि लिखिए –
\[\ce{{n}-BuBr + KCN ->[EtOH-H2O] {n}BuCN}\]
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उत्तर १
KCN निम्न संरचनाओं का अनुनादी संकर होता है –
\[\ce{K^+ [^- :C ≡ N: ↔ :C = \overset{\bullet\bullet}{N} :^-]}\]
अत: CN– उभयदंती नाभिकस्नेही के रूप में कार्य करता है। अतः यह n – BuBr में C-Br आबंध के कार्बन परमाणु पर C या N परमाणु से आक्रमण करता है। चूँकि C-N आबंध, C-C आबंध से दुर्बल होता है अत: C पर आक्रमण होता है तथा n-ब्यूटिल सायनाइड बनता है।
\[\ce{K^+CN^- + \underset{{n-ब्यूटिल ब्रोमाइड}}{CH3CH2CH2\overset{δ+}{C}H2 - \overset{δ-}{B}r} -> \underset{{n-ब्यूटिल सायनाइड}}{CH3CH2CH2CH2CN} + KBr}\]
उत्तर २
यह अभिक्रिया प्रथम-क्रम नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन (SN1) है। इसका अभिक्रिया तंत्र इस प्रकार बताया जा सकता है:
चरण 1: नाभिकरागियों का निर्माण:
\[\ce{KCN ->[EtOH-H2O]K+ + \overset{—}{C} ≡ N}\]


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