मराठी

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए − लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर किस बात का संकेत देना चाहते थे?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

लोग अपने-अपने मकानों व सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रीय झंडा फहराकर बताना चाहते थे कि वे अपने को आज़ाद समझ कर आज़ादी मना रहे हैं। उनमें जोश और उत्तसाह है।

shaalaa.com
डायरी का एक पन्‍ना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.2: डायरी का एक पन्ना - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ६३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
पाठ 2.2 डायरी का एक पन्ना
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ६३

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −

'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी और यह सभा तो कहना चाहिए कि ओपन लड़ाई थी।' यहाँ पर कौन से और किसके द्वारा लागू किए गए कानून को भंग करने की बात कही गई है? क्या कानून भंग करना उचित था? पाठ के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए।


भौतिक रूप से दबे हुए होने पर भी अंग्रेजों के समय में ही हमारा मन आजाद हो चुका था। अत: दिसंबर सन् 1929 में लाहौर में कांग्रेस का एक बड़ा अधिवेशन हुआ, इसके सभापति जवाहरलाल नेहरू जी थे। इस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब हम ‘पूर्ण स्वराज्य से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। 26 जनवरी 1930 को देशवासियों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए हर प्रकार के बलिदान । की प्रतिज्ञा की। उसके बाद आज़ादी प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। आजादी मिलने के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।


डायरी-यह गद्य की एक विधा है। इसमें दैनिक जीवन में होने वाली घटनाओं, अनुभवों को वर्णित किया जाता है। आप भी अपनी दैनिक जीवन से संबंधित घटनाओं को डायरी में लिखने का अभ्यास करें।


जमना लाल बजाज, महात्मा गांधी के पाँचवें पुत्र के रूप में जाने जाते हैं, क्यों? अध्यापक से जानकारी प्राप्त करें।


ढाई लाख का जानकी देवी पुरस्कार जमना लाल बजाज फाउंडेशन द्वारा पूरे भारत में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यहाँ ऐसी कुछ महिलाओं के नाम दिए जा रहे है-

श्रीमती अनुताई लिमये 1993 महाराष्ट्र; सरस्वती गोरा 1996 आंध्र प्रदेश;

मीना अग्रवाल 1996 असम, सिस्टर मैथिली 1999 केरल; कुंतला कुमारी आचार्य 2001 उड़ीसा।

इनमें से किसी एक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कीजिए।


‘केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था। तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?


26 जनवरी, 1931 को पार्को और मैदानों में पुलिस ही पुलिस दिखती थी, क्यों?


झंडा दिवस के अवसर पर पुलिस का कृर प देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।


पुलिस जिस समय मोनुमेंट की मोटियाँ न हो थी, उस समय दूसरी ओर महिलाएँ किस काम में लगी थी?


26 जनवरी, 1937 को कोलकाता के स्तों पर उत्साह और नवीनता देखते ही बनती थी। इसके कारणों एवं नएपन का वर्णन कीजिए।


‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×