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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फ़ायदा उठाया?
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उत्तर
छोटे भाई बड़े भाई की नरमी का अनुचित लाभ उठाने लगे। इस पर छोटा भाई पास हो गया तो उसका आत्मसम्मान और भी बढ़ गया। बड़े भाई का रौब नहीं रहा, वह आज़ादी से खेलकूद में जाने लगा, वह स्वच्छंद हो गया। उसे विश्वास हो गया कि वह पढ़े न पढ़े पास हो जाएगा। इस लिए उसके मन से बड़े भाई साहब का डर खत्म हो गया था।
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −
भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि −
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
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निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
बुनियाद ही पुख्ता न हो तो मकान कैसे पायेदार बने?
निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए −
आँखे आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।
लेखक अपने बड़े भाई के हुक को कानून समझने में शालीनता समझता था, ऐसा क्यों? स्पष्ट कीजिए।
लेखक को अपने वार्ड के रौद्र रूप के दर्शन क्यों हो जाया करते थे?
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फेल होने पर भी भाई साहब किस आधार पर अपना बड़प्पन बनाए हुए थे?
भाई साहब के फेल होने और खुद के अव्वल आने पर लेखक के मन में क्या-क्या विचार आए?
बड़े भाई साहब ने तत्कालीन शिक्षा प्रणाली की जिन कमियों की ओर संकेत करते हुए अपने फेल होने के लिए उसे उत्तरदायी ठहराने की कोशिश की है, उससे आप कितना सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'बड़े भाई साहब' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि तात्कालिक शिक्षा व्यवस्था में बड़े भाई साहब को क्या-क्या कमियाँ दिखाई देती थीं?
