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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि व जीवन भर याद रह जाते हैं?

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
गीत में ऐसी क्या खास बात होती है कि व जीवन भर याद रह जाते हैं?

टीपा लिहा
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उत्तर

जिन गीतों में भावनात्मकता, मार्मिकता, सच्चाई, गेयता, संगीतात्मकता, लयबद्धता आदि गुण होते हैं, वे गीत जीवन भर याद रहते हैं। 'कर चले हम फ़िदा' गीत में बलिदान की भावना स्पष्ट रुप से झलकती है। इसलिए यह किसी एक विशेष व्यक्ति का गीत न बनकर सभी भारतीयों का गीत बन गया।

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कर चले हम फ़िदा
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.8: कर चले हम फ़िदा - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
पाठ 1.8 कर चले हम फ़िदा
प्रश्न-अभ्यास | Q (क) 4. | पृष्ठ ३४

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
क्या इस गीत की कोई ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने इस कविता में किस काफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात कही है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
खींच दो अपने खू से जमीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई


ध्यान दीजिए संबोधन में बहुवचन ‘शब्द रूप’ पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता; जैसे- भाइयो, बहिनो, देवियो, सः जनो आदि।


कैफ़ी आज़मी उर्दू भाषा के एक प्रसिद्ध कवि और शायर थे। ये पहले गज़ल लिखते थे। बाद में फ़िल्मों में गीतकार और कहानीकार के रूप में लिखने लगे। निर्माता चेतन आनंद की फ़िल्म ‘हकीकत’ के लिए इन्होंने यह गीत लिखा था, जिसे बहुत प्रसिद्धि मिली। यदि संभव हो सके तो यह फ़िल्म देखिए।


‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।


सैनिक जीवन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक निबंध लिखिए।


अपने स्कूल के किसी समारोह पर यह गीत या अन्य कोई देशभक्तिपूर्ण गीत गाकर सुनाइए।


‘कर चले हम फ़िदा जानो तन’ के माध्यम से सैनिक क्या कहना चाहते हैं?


‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?


‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?


‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।


'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि ______।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

आपके द्वारा 'स्पर्श' पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्‍यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए।


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई,
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया,
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं,
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया,
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं,
आज धरती बनी है दुलहन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों !
  1. 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
    (A) हिमालय को सजाना। 
    (B) हिमालय की हिफाज़त करना।
    (C) भारत के गौरव को बनाए रखना। 
    (D) भारत का गुणगान करना।
  2. कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
    (A) कवियों
    (B) शहीदों
    (C) सैनिकों
    (D) देशवासियों
  3. 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
    (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
    (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
    (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
    (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
  4. 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
    (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
    (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
    (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर। 
    (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर।
  5. इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
    (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
    (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
    (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
    (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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