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निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए – cis-[CrCl2(en)2]Cl

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प्रश्न

निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –

cis-[CrCl2(en)2]Cl

टीपा लिहा
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उत्तर

ऑक्सीकरण अवस्था = +3,

उपसहसंयोजन संख्या = 6,

d3 विन्यास = \[\ce{t^3_{2g}e^0_g}\]

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उपसहसंयोजन यौगिकों से संबंधित कुछ प्रमुख पारिभाषिक शब्द व उनकी परिभाषाएं
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [पृष्ठ १४३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 5 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q 5.23 (ii) | पृष्ठ १४३

संबंधित प्रश्‍न

कीलेशन द्वारा उपसहसंयोजन यौगिकों का स्थायित्व कीलेट प्रभाव कहलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी संकुल स्पीशीज़ सर्वाधिक स्थायी है?


निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?

(i) [Co(NH3)6]3+

(ii) [Co(NH3)4Cl2]+

(iii) [Ni(CN)4]2–

(iv) [Ni(NH3)4Cl2]


एथेन-1, 2-डाइऐमीन के लिगंड की तरह व्यवहार के संबंध में सही कथन हैं-

(i) यह उदासीन लिगंड है।

(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।

(iii) यह कीलेटी लिगंड है।

(iv) यह एकदंतुर लिगंड है।


निम्नलिखित संकुलों को उनके विलयनों की बढ़ती हुई चालकता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

[Co(NH3)3Cl3], [Co(NH3)4Cl2]Cl, [Co(NH3)6]Cl3, [Cr(NH3)5Cl]Cl2


अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।

तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।


दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

उपसहसंयोजन संख्या


दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

होमोलेप्टिक


द्विदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?


द्विदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।


उभयदंतुर लिगन्ड का दो उदाहरण दीजिए।


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