Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्न शब्दों के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| मनुष्य | ||||
Advertisements
उत्तर
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| मनुष्य | आदमी | इंसान | मानव | मनुज |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
प्रचार
निम्न वाक्यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्यपुस्तक से खोजकर नए अन्य वाक्य बनाइए:

दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए:

निम्नलिखित शब्दों के लिंग बदलो और वाक्य बनाकर लिखो:

|
१. चाचा जी प्रकल्प में मेरा मार्गदर्शन करते हैं। |
५. ______________________________ |
|
२. ______________________________ |
६. ______________________________ |
| ३. ______________________________ | ७. ______________________________ |
|
४. ______________________________ |
८. ______________________________ |
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
मेरा गाँव यहॉं बसा है।
पढ़ो :
विभिन्नता से जुड़ें हम
| दर्जी | गंधर्व |
| इंद्रधनुष | चन्द्रमा |
| मेट्रो रेल | महाराष्ट्र |
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
दृश्य ३ रानी सिंहासन पर बैठी थी सेवक का प्रवेश
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| पर्ण | ||||
पाठ्यपुस्तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
परिच्छेद से समुच्च्यबोधक अव्यय ढूँढकर लिखिए।
|
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
