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नीलकांत एवं महादेव के तुलन पत्र का 31 मार्च, 2016 को निष्कर्ष निम्नवत है। पूरे वर्ष के दौरान महादेव का आहरण 30,000 रू. है तथा वर्ष 2016 के दौरान लाभ 10,00,000 रु. है। - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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प्रश्न

नीलकांत एवं महादेव के तुलन पत्र का 31 मार्च, 2020 को निष्कर्ष निम्नवत है।

31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र
देनदारियाँ राशि (रु.) परिसंपत्तियाँ राशि (रु.)
नीलकांत की पूँजी 10,00,000 विविध परिसंपत्तियाँ 30,00,000
महादेव की पूँजी 10,00,000    
नीलकांत का चालू खाता 1,00,000    
महादेव का चालू खाता 1,00,000    
लाभ व हानि विनियोजन (मार्च 2007) 8,00,000    
  30,00,000   30,00,000

पूरे वर्ष के दौरान महादेव का आहरण 30,000 रू. है तथा वर्ष 2016 के दौरान लाभ 10,00,000 रु. है। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 को पूँजी पर ब्याज 5% प्रति वर्ष की दर से परिकलित करें।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

पूँजी पर ब्याज - 

नीलकांत - `10,00,000 xx 5/100` = 50,000

महादेव - `10,00,000 xx 5/100` = 50,000

नोट: इस प्रश्न में साझेदार के पूंजी खाते और साझेदार के चालू खाते दोनों के शेष का उल्लेख किया गया है, इसलिए यह माना गया है कि भागीदारों की पूंजी स्थिर है।

जैसा कि हम जानते हैं, जब भागीदारों की पूँजी स्थिर होती है, तो पूँजी पर आहरण और ब्याज भागीदारों के पूँजी शेष को प्रभावित नहीं करता है। बल्कि, यह उनके चालू खाते की शेष राशि को प्रभावित करेगा। इसलिए, इस मामले में, वर्ष की शुरुआत में पूँजी (यानी शुरुआती पूंजी) और अंत में पूँजी (यानी समापन पूँजी) समान रहेगी। इस प्रकार, पूँजी पर ब्याज की गणना निश्चित पूँजी शेष (प्रश्न की बैलेंस शीट में दी गई) पर की जाती है।

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पूर्व समायोजन
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संबंधित प्रश्‍न

सुकेश एवं विनीता एक फर्म में साझेदार हैं। उनका साझेदारी समझौता निम्नलिखित प्रावधानों से युक्त है, जिसके अनुसार:

  1. सुकेश एवं विनीता द्वारा लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2;
  2. पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है;
  3. विनीता को प्रतिमाह 600 रू. वेतन के रूप में प्राप्त होने चाहिए;

31 दिसंबर, 2016 को उनके लेखा खातों से निम्नलिखित शेष निष्कर्ष रूप में प्राप्त हुए हैं:

  सुकेश (रू.) विनीता (रू.)
पूँजी खाते 40,000 40,000
चालू खाते (जमा) 7,200 (जमा) 2,800
आहरण 10,850 8,150

पूँजी पर ब्याज एवं साझेदार का वेतन निकलने से पहले इस वर्ष में फर्म का निवल लाभ 9,500 रु. रहा। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों के चालू खाते तैयार करें।


राहुल, रोहित एवं करन ने 01 अप्रैल, 2014 को क्रमशः 20,00,000 रू. 18,00,000 रू. तथा 16,00,000 रू. से व्यवसाय शुरू किया। वर्ष 2015-16 पर उनका लाभ 1,35,000 रु. था तथा साझेदारों के आहरण राहुल 50,000 रू., रोहित 50,000 रु. तथा करन 40,000 रू. था। लाभों को साझेदार के बीच 3: 2 :1 में वितरित किया गया। पूँजी पर 5% प्रति वर्ष की दर से ब्याज परिकलित कीजिए।


सूरजमुखी और गुलाब ने 01 अप्रैल, 2019 को क्रमशः 2,50,000 रू. तथा 1,50,000 रू. के साथ व्यवसाय शुरू किया। 01 अक्तूबर, 2015 को उन्होंने तय किया कि दोनों की पूँजी 2,00,000 रू. प्रत्येक होनी चाहिए। पूँजी सन्नवेश और रोकड़ आहरण के द्वारा उचित समायोजन किए गए। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है। 31 मार्च, 2020 को पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।


31 मार्च, 2016 के बाद खाता पुस्तकें बंद होने पर मांउटेन, हिल एवं रॉक की पुस्तकें क्रमशः 4,00,000 रु., 3,00,000 रू. तथा 2,00,000 रू. पर थीं। तंदतर यह पाया गया कि पूँजी पर 10% की दर से ब्याज का विलोपन है। पूरे वर्ष का लाभ 1,50,000 रू. था तथा साझेदारों के आहरण मांउटेन 20,000 रू., हिल 15,000 रु. तथा रॉक 10,000 रू. थे। पूँजी पर ब्याज परिकलित करें।


ऋषि एक फर्म में साझेदार है। 31 मार्च, 2016 तक वह निम्न आहरण करता है।

01 मई, 2019 12,000 रु.
31 जुलाई, 2019 6,000 रु.
30 सितंबर, 2019 9,000 रु.
30 नवंबर, 2019 12,000 रु.
01 जनवरी, 2020 8,000 रु.
31 मार्च, 2020 7,000 रु.

आहरणों पर 9% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। आहरणों पर व्याज परिकलित कीजिए।


राकेश एवं रोशन एक फर्म में 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन से क्रमशः 40,000 रू. तथा 30,000 रू. के साथ साझेदार है। उन्होंने अपने निजी उपयोग हेतु निम्नलिखित आहरण वर्ष भर किए हैं।

राकेश माह रू.
  03 मई, 2019 600
  30 जून, 2019 500
  31 अगस्त, 2019 1,000
  01 नवंबर, 2019 400
  31 दिसंबर, 2019 1,500
  31 जनवरी, 2020 300
   01 मार्च, 2020 700
रोशन प्रत्येक माह के प्रारंभ में 400

6 % वार्षिक की दर से आहरण पर ब्याज प्रभारित होना है। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए जबकि प्रतिवर्ष 31 मार्च, 2019 को खाता पुस्तकें बंद होती हैं।


हिमांशु प्रतिमाह 2,500 रू. आहरित करता है। साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर 12% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर हिमांशु के आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।


अमित और भोला एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 है। उनके साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर ब्याज की दर 10% वार्षिक प्रभारित होनी है। वर्ष 2014 के दौरान उनके आहरण क्रमशः 24,000 रू. तथा 16,000 रू. थे। यह मानकर कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से राशियाँ आहरित की थी। इसी आधार पर आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए।


अरूण, बॉबी एवं चिंटू एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। साझेदारी विलेख की गारंटी के अनुसार कंपनी का लाभ कुछ भी हो किंतु चिंटू को कम-से-कम 6,000 रू. प्राप्त होने हैं। चिंटू के खाते में ऐसी गारंटी की कोई भी अतिरेक अरूण के द्वारा वहन की जाएगी। एक लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जो साझेदारों के बीच लाभ के वितरण को दर्शाता, यदि मान लीजिए कि वर्ष 2016 के लिए लाभ (i) 2,50,000 रू. (ii) 3,60,000 रू. हुआ हो। 


वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2016 के लिए क, ख एवं ग का निवल लाभ 60,000 रू. था और यही राशि इन साझेदारों के बीच 3: 1: 1 के अनुपात में वितरित की गई। इसके बाद यह बात पता चली कि निम्नलिखित लेन-देन को लेखा खातों में नहीं अभिलेखित किया गया है :

(i) पूँजी पर ब्याज की दर 5% प्रतिवर्ष

(ii) आहरणों पर ब्याज जो कि क के 700 रू.; ख के 500 रू.; ग के 300 रू. हैं।

(iii) साझेदारों का वेतन क के 1,000 रू.; ख के 1,500 रु. प्रति वर्ष

(iv) एक सहमतिपूर्ण कमीशन क के लिए 6,000 रु., ख के लिए 6,000 रू. जो कि एक फर्म की विशेष लेन-देन से पैदा हुआ है। समायोजन प्रविष्टियों का अभिलेखन करें।


31 मार्च, 2017 को एलविन, मोनू एवं अहमद के पूँजी खाते पर लाभ, आहरणों आदि के समायोजन हुए थे जो कि एलविन 80,000 रू., मोनू 60,000 रू. तथा अहमद की 40,000 रु. थी। इसके तदंतर ही यह पता चला कि पूँजी तथा आहरणों पर ब्याज छूट गया है, जिसे शामिल किया जाना था। ये साझेदार पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लेने के लिए अधिकृत थे। इस वर्ष के दौरान आहरण इस तरह थे: एलविन 20,000 रु., मोनू 15,000 रू. तथा अहमद 9,000 रु.। साझेदारों द्वारा आहरणों पर प्रभारित ब्याज राशि इस प्रकार थी : एलविन 500 रू., मोनू 360 रू. तथा अहमद 200 रू.। वर्ष की निवल लाभ राशि 1,20,000 रू. थी और लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 था।


मोहन, विजय व अनिल साझेदार हैं, उनके पूँजी खातों में क्रमशः 30,000 रू. 25,000 रू. तथा 20,000 रू. शेष हैं। इन अंकों पर पहुँचने के साथ 31 मार्च, 2017 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ राशि 24,000 रू. साझेदारों के खातों में उनके लाभ विभाजन अनुपात में जमा किया गया। गणना के दौरान मोहन, विजय तथा अनिल का आहरण क्रमशः 5,000 रू., 4,000 रू. तथा 3,000 रू. थी। तंदतर निम्न विलोपन देखे गए।

(अ) पूँजी पर 10% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित नहीं किया गया।

(ब) आहरणों पर ब्याज मोहन 250 रू., विजय 200 रू., अनिल 150 रू. खाता पुस्तकों में अभिलेखित नहीं हुए है।
रोज़नामचा प्रविष्टि द्वारा आवश्यक सुधार अभिलेखित करें।


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