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नीचे तीनों स्तर के न्यायालय को दर्शाया गया है। प्रत्येक के सामने लिखिए कि उसे न्यायालय ने सुधा गोयल के मामले में क्या फैसला दिया था? अपने जवाब को कक्षा के अन्य विद्यार्थियों - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

नीचे तीनों स्तर के न्यायालय को दर्शाया गया है। प्रत्येक के सामने लिखिए कि उसे न्यायालय ने सुधा गोयल के मामले में क्या फैसला दिया था? अपने जवाब को कक्षा के अन्य विद्यार्थियों द्वारा दिए गए जवाबों के साथ मिलाकर देखें।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

  • सर्वोच्च न्यायालय-
    लक्ष्मण और उसकी माँ शकुंतला को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनायी। सुभाषचंद्र के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे इसलिए उसे दोष मुक्त कर दिया।
  • उच्च न्यायालय-
    सुधा की मौत एक दुर्घटना थी क्योंकि तीनों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत नहीं। लक्ष्मण, शकुंतला और सुभाषचंद्र तीनों को बरी कर दिया।
  • निचली अदालत-
    लक्ष्मण, उसकी माँ शकुंतला और सुधा के जेठ सुभाष को दोषी करार दिया और तीनों को मौत की सजा सुनाई। 
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भारत में अदालतों की संरचना
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: न्यायपालिका - अभ्यास [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Civics [Hindi] Class 8
पाठ 5 न्यायपालिका
अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ६४

संबंधित प्रश्‍न

सुधा गोयल मामले को ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गए बयान को पढ़िए। जो वक्तव्य सही हैं उन पर सही का निशान लगाइए और जो गलत हैं उनको ठीक कीजिए।

आरोपी इस मामले को उच्च न्यायालय लेकर गए, क्योंकि वे निचली अदालत के फैसले से सहमत नहीं थे।


सुधा गोयल मामले को ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गए बयान को पढ़िए। जो वक्तव्य सही हैं उन पर सही का निशान लगाइए और जो गलत हैं उनको ठीक कीजिए।

वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में चले गए।


सुधा गोयल मामले को ध्यान में रखते हुए नीचे दिए गए बयान को पढ़िए। जो वक्तव्य सही हैं उन पर सही का निशान लगाइए और जो गलत हैं उनको ठीक कीजिए।

अगर आरोपी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं तो दोबारा निचली अदालत में जा सकते हैं।


अपनी शिक्षिका की सहायता से इस तालिका में दिए गए खाली स्थानों को भरिए-

विवाद की किस्म उदाहरण
केंद्र और राज्य के बीच विवाद  
दो राज्यों के बीच विवाद  
दो नागरिकों के बीच विवाद  
ऐसे कानून जो संविधान का उल्लंघन करते है  

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