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नीचे दर्शाए गए अयस्कों में से कौन-से चुंबकीय पृथक्करण विधि द्वारा सांद्रित किए जा सकते हैं? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

नीचे दर्शाए गए अयस्कों में से कौन-से चुंबकीय पृथक्करण विधि द्वारा सांद्रित किए जा सकते हैं?

धातु अयस्क संघटन
ऐलुमिनियम बॉक्साइट \[\ce{AlO_{{x}}(OH)_{3-2{x}}}\] (जहाँ 0 < x < 1)
  केयोलिनाइट (क्ले के रूप में)

\[\ce{[Al2(OH)4 Si2O5]}\]

आयरन हेमेटाइट \[\ce{Fe2O3}\]
  मैग्नेटाइट \[\ce{Fe3O4}\]
  सिडेराइट \[\ce{FeCO3}\]
  आयरन पाइराइट \[\ce{FeS2}\]
कॉपर कॉपर पाइराइट \[\ce{CuFeS2}\]
  मेलाकाइट \[\ce{CuCO3.Cu(OH)2}\]
  क्यूप्राइट \[\ce{Cu2O}\]
  कॉपर ग्लान्स \[\ce{Cu2S}\]
ज़िंक ज़िंक ब्लेंड या स्फेलेराइट  \[\ce{ZnS}\]
  कैलामाइन \[\ce{ZnCO3}\]
  जिंकाइट \[\ce{ZnO}\]
टीपा लिहा
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उत्तर

वे अयस्क जिनमें कम-से-कम एक घटक (अशुद्धि या वास्तविक अयस्क) चुम्बकीय होता है, उन्हें चुम्बकीय पृथक्करण विधि द्वारा सान्द्रित किया जा सकता है; जैसे - हेमेटाइट (Fe2O3), मैग्नेटाइट (Fe3O4), सिडेराइट (FeCO3) तथा आयरन पाइराइट (FeS2) को चुंबकीय पृथक्करण विधि द्वारा सांद्रित किया जा सकता है।

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