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प्रश्न
नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उसका उत्तर लिखिए-
कविता में वर्णित पिता के व्यक्तित्व की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए जिनसे उनका बहुआयामी रूप सामने आता है।
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उत्तर
कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने अपने पिता को एक बहुआयामी व्यक्तित्व के रूप में चित्रित किया है। वे शारीरिक रूप से शक्तिशाली और वीर हैं, जबकि “नवनीत-सा” हृदय उनकी कोमलता और भावुकता को दर्शाता है। “मौत के आगे न हिचकें, शेर के आगे न बिचकें” जैसी पंक्तियाँ उनके साहसी और निडर स्वभाव को प्रकट करती हैं।
पिता अनुशासनप्रिय और परिश्रमी हैं, जो नियमित रूप से गीता-पाठ और व्यायाम करते हैं। साथ ही वे हँसमुख और जीवन्त भी हैं, जो परिवार में प्रसन्नता फैलाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने बच्चों के प्रति गहरा स्नेह और चिंता रखते हैं। इस प्रकार उनका व्यक्तित्व शक्ति, साहस, कोमलता, अनुशासन और प्रेम का सुंदर मिश्रण है।
