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प्रश्न
नीचे दिए गए प्रश्न पर कक्षा में चर्चा कीजिए और उनके उत्तर लिखिए-
‘‘पिताजी उस समय पूछते थे, ‘समझ गए न?’… इसके बाद वे कहते थे कि ‘अच्छा अब जाओ, बाहर जाकर खेलो।’” यह प्रसंग पारिवारिक अनुशासन और स्नेह के संतुलन का प्रतीक है। कैसे?
(संकेत- यहाँ अनुशासन में डर है या सम्मान?)
दीर्घउत्तर
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उत्तर
पिताजी बच्चों को डाँटते या दंड नहीं देते थे। वे केवल गंभीरता से देखते थे और बच्चे अपनी गलती समझ जाते थे। उनके मन में पिताजी के प्रति थोड़ा डर था, पर यह डर कठोर सजा का नहीं, उनके प्रति सम्मान और प्रेम का था। गलती समझाने के बाद वे बच्चों को खेलने भेज देते थे। इस तरह उनके व्यवहार में अनुशासन के साथ स्नेह भी था।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
