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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

निचे दिए गए प्राणीकी विशेषताएँ वर्गीकरण के आधार पर लिखिए। कनखजूरा

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प्रश्न

निचे दिए गए प्राणीकी विशेषताएँ वर्गीकरण के आधार पर लिखिए।

कनखजूरा

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

वर्गीकरण-

जगत : प्राणी

उपजगत : असमपृष्ठरज्जु

संघ : संधिपाद

लक्षण : छोटे-छोटे टुकड़ों द्वारा जुड़कर निर्मित उपांग दिखाई देते हैं। इनके शरीर के आसपास कायटिनयुक्त बाह्यकंकाल होता है। कीड़े का संधिपाद प्राणी संघ में समावेश किया गया है। कनखजुरा के शरीर में अनेक पैर होते हैं। इसलिए इस प्राणी को शतपाद भी कहा जाता है। इस प्राणी का शरीर त्रिस्तरीय, दविपार्श्व सममितीय, देहगुहायुक्त तथा खंडीभूत होता है।

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उपसंघ समपृष्ठरज्जुप्राणी यह छ वर्गो में विभाजित
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पाठ 6: प्राणियों का वर्गीकरण - स्वाध्याय [पृष्ठ ७५]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
पाठ 6 प्राणियों का वर्गीकरण
स्वाध्याय | Q 2. | पृष्ठ ७५

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निचे दिए गए प्राणी की विशेषताएँ वर्गीकरण के आधार पर लिखिए।

टोड़


तितली तथा चमगादड़ इनके अंतर के चार मुद्दे स्पष्ट कीजिए।


वैज्ञानिक कारण लिखिए।

कछुआ जमीन पर और पानी में भी रहता है, फिर भी उसका उभयचर इस वर्ग में समावेश नहीं होता हैं।


वैज्ञानिक कारण लिखिए।

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उचित पर्याय चूनिए तथा उस संबंध मे स्पष्टीकरण लिखिए।

चमगादड़ का समावेश किस वर्ग में होता हैं?


तालिका पूर्ण कीजिए।

प्रकार विशेषताएँ उदाहरण
चक्रमुखी    
  गलफडेद्वारा श्वसन  
उभयचर    
    देवमछली
  शीतरक्त वाले  

आकृति निकालकर नामांकित कीजिए तथा वर्गीकरण करिए।

कबूतर


आकृतीस योग्य नावे द्या.


सरीसृप प्राणी वर्ग की तीन विशेषताएँ लिखिए।


मेरा शरीर दोनों ओर से नौकाकार होता हैं। मैं गलफड़ों द्वारा श्वसन करता हूँ। मेरा वर्ग पहचानकर एक उदाहरण लिखिए।


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