Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीलकंठ का सुखमय जीवन करुण कथा में कैसे बदल गया?
Advertisements
उत्तर
कुब्जा के आने के बाद उसने अपने रूखे व्यवहार की शुरुआत कर दिया। उसके कलह से नीलकंठ की प्रसन्नता का अंत हो गया। कई बार वह जालीघर से निकल भागा। एक दिन वह भूखा-प्यासा आम की शाखाओं में छिपा बैठा रहा, जहाँ से लेखिका ने पुचकार कर उतारा। एक बार खिड़की की शेड पर छिपा रही। तीन-चार महीने के बाद नीलकंठ ने अपने प्राण त्याग दिए। उसके सुखमय जीवन का अंत हो गया।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
विवाह से चार-पाँच दिन पहले औरतें क्या करती थीं?
लेखक द्वारा ‘दादी माँ’ पाठ लिखने का क्या उद्देश्य है?
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
दिव्या के शरीर के किस अंग से रक्त लिया गया?
पढ़ो और समझो
मित्रता + पूर्ण = मित्रतापूर्ण
गारो लोग एक स्थान पर क्यों बस जाना चाहते थे?
कागज़ पर किसी नन्हें हाथ की छाप थी।
इन वाक्य को पढ़ो और इसे प्रश्नवाचक वाक्य में बदलो।
राष्ट्रीयता की चिंगारी जल उठी थी।
झलकारीबाई, लक्ष्मीबाई की हमशक्ल थी। तुम्हारे विचार से हमशक्ल होने के क्या-क्या लाभ या हानि हो सकते हैं?
पेड़ अपने जन्म के बारे में क्या कहता है?
लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?
नीचे दिए गए प्रश्नों के बारे में जानकारी एकत्र कीजिए-
(क) ब्लू बेबी क्या है?
(ख) रक्त के जमाव की क्रिया में बिंबाणु (प्लेटलेट) का कार्य क्या है?
(ग) रक्तदान के लिए कम-से-कम कितनी उम्र होनी चाहिए?
(घ) कितने समय बाद दोबारा रक्तदान किया जा सकता है?
(ङ) क्या स्त्री का रक्त पुरुष को चढ़ाया जा सकता है?
माँ के पास पहुँचकर चिड़िया ने क्या किया?
तोत्तो चान के गले में रेल पास क्यों लटक रहा था?
खानपान में बदलाव के कौन से फ़ायदे हैं? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों है?
धनराज पिल्लै ने ज़मीन से उठकर आसमान का सितारा बनने तक की यात्रा तय की है। लगभग सौ शब्दों में इस सफ़र का वर्णन कीजिए।
'यह कोई जरूरी नहीं कि शोहरत पैसा भी साथ लेकर आए'-क्या आप धनराज पिल्लै की इस बात से सहमत हैं? अपने अनुभव और बड़ों से बातचीत के आधार पर लिखिए।
लेखिका को नीलकंठ की कौन-कौन सी चेष्टाएँ बहुत भाती थीं?
बहुविकल्पी प्रश्न
‘नीलकंठ’ पाठ के लेखक कौन हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
दोनों शावकों ने आरंभ में कहाँ रहना शुरू किया?
अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
प्राणों की बाजी लगाना
