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नीलकंठ का सुखमय जीवन करुण कथा में कैसे बदल गया?

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प्रश्न

नीलकंठ का सुखमय जीवन करुण कथा में कैसे बदल गया?

टीपा लिहा
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उत्तर

कुब्जा के आने के बाद उसने अपने रूखे व्यवहार की शुरुआत कर दिया। उसके कलह से नीलकंठ की प्रसन्नता का अंत हो गया। कई बार वह जालीघर से निकल भागा। एक दिन वह भूखा-प्यासा आम की शाखाओं में छिपा बैठा रहा, जहाँ से लेखिका ने पुचकार कर उतारा। एक बार खिड़की की शेड पर छिपा रही। तीन-चार महीने के बाद नीलकंठ ने अपने प्राण त्याग दिए। उसके सुखमय जीवन का अंत हो गया।

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गद्य (Prose) (Class 7)
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पाठ 15: नीलकंठ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
पाठ 15 नीलकंठ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 17

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