मराठी

"नयी दिल्ली में सब था... सिर्फ़ नाक नहीं थी।" इस कथन के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

"नयी दिल्ली में सब था... सिर्फ़ नाक नहीं थी।" इस कथन के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

इस कथन के माध्यम से लेखक ब्रिटिश सरकार का भारत में सम्मान को प्रदर्शित करता है। उसने इस कथन में ब्रिटिश सरकार पर व्यंग्य कसा है। बेशक भारतीय समाज उनकी चमक से नहाया हुआ हो पर उनके लिए भारतीयों के मन में सम्मान ज़रा भी नहीं है। वे सिर्फ़ दिखावे के लिए चाटूकारिता करते हों पर मन में अब भी वही फाँस फसी है।

shaalaa.com
जॉर्ज पंचम की नाक
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?

संबंधित प्रश्‍न

रानी एलिजाबेथ के दरज़ी की परेशानी का क्या कारण था? उसकी परेशानी को आप किस तरह तर्कसंगत ठहराएँगे?


'और देखते ही देखते नयी दिल्ली का काया पलट होने लगा' − नयी दिल्ली के काया पलट के लिए क्या−क्या प्रयत्न किए गए होंगे?


आज की पत्रकारिता में चर्चित हस्तियों के पहनावे और खान-पान संबंधी आदतों आदि के वर्णन का दौर चल पड़ा है −

इस प्रकार की पत्रकारिता के बारे में आपके क्या विचार हैं?


जॉर्ज पंचम की लाट की नाक को पुन: लगाने के लिए मूर्तिकार ने क्या-क्या यत्न किए?


प्रस्तुत कहानी में जगह-जगह कुछ ऐसे कथन आए हैं जो मौजूदा व्यवस्था पर करारी चोट करते हैं। उदाहरण के लिए 'फाईलें सब कुछ हज़म कर चुकी हैं।' 'सब हुक्कामों ने एक दूसरे की तरफ़ ताका।' पाठ में आए ऐसे अन्य कथन छाँटकर लिखिए।


नाक मान-सम्मान व प्रतिष्ठा का द्योतक है। यह बात पूरी व्यंग्य रचना में किस तरह उभरकर आई है? लिखिए।


अखबारों ने जिंदा नाक लगने की खबर को किस तरह से प्रस्तुत किया?


जॉर्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन अखबार चुप क्यों थे?


रानी एलिजाबेथ के भारत दौरे के समय अखबारों में उनके सूट के संबंध में क्या-क्या खबरें छप रही थीं?


जॉर्ज पंचम की नाक’ नामक पाठ में भारतीय अधिकारियों, मंत्रियों और कार्यालयी कार्य प्रणाली पर कठोर व्यंग्य किया गया है। इसे स्पष्ट कीजिए।


जॉर्ज पंचम की नाक की सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए थे?


रानी के भारत आगमन से पहले ही सरकारी तंत्र के हाथ-पैर क्यों फूले जा रहे थे?


मूर्तिकार ने भारतीय हुक्मरानों को किस हालत में देखा? उनकी परेशानी दूर करने के लिए उसने क्या कहा?


जॉर्ज पंचम की लाट की नाक लगाने के लिए मूर्तिकार ने अनेक प्रयास किए। उन प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताइए कि आप इनमें से किसे सही मानते हैं और किसे गलत। इससे उसमें किन मूल्यों का अभाव दिखता है?


जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में देश के विभिन्न भागों के प्रसिद्ध नेताओं, देशभक्तों और स्वाधीनता सेनानियों को उल्लेख हुआ है। इनके जीवन-चरित्र से आप किन मूल्यों को अपनाना चाहेंगे?


‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी एलिजाबेथ द्वितीय के भारत आगमन से पूर्व अधिकारियों को क्या चिंता हुई। देश की नाक बचाने के लिए कौन-सी जी-तोड़ कोशिशें की गईं?


‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी? इसे देख आपको क्या अनुभव होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×