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प्रश्न
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
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नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा।। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाई बोले मुनि कोही।। सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।। सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनि बचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने।। बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतू। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू।। |
- राम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या कहा है? [1]
- शिव का भक्त
- शिव का दास
- परशुराम का दास
- विश्वामित्र का शिष्य
- परशुराम के अनुसार शिव धनुष तोड़ने वाला उनके लिए किसके समान है? इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए: [1]
I. शत्रु के समान
II. सहसबाहु के समान
III. सेवक के समान
विकल्प:- केवल I और II सही हैं।
- केवल II और III सही हैं।
- केवल I और III सही हैं।
- I, II और III तीनों सही हैं।
- निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए: [1]
कथन: परशुराम के अहंकारपूर्ण वचनों को सुनकर लक्ष्मण मुस्कुराने लगे।
कारण: उन्होंने बचपन से ही बहुत से धनुष तोड़े हैं।
विकल्प:- कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है।
- कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है।
- इस काव्यांश के आधार पर लक्ष्मण की वाणी किस प्रकार की थी? [1]
- कट
- व्यंग्यपूर्ण
- गंभीर
- विनोदप्रिय
- परशुराम सभा में मौजूद राजाओं से क्या कह रहे हैं? [1]
- शत्रु को उनके सामने उपस्थित कर दें।
- दोषी स्वयं ही सभा से अलग हो जाए।
- सभी राजा सभा से अलग हो जाएँ।
- सभी राजा इसके लिए दोषी हैं ।
आकलन
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उत्तर
- (C) परशुराम का दास।
- (A) केवल I और II सही हैं।
- (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
- (B) व्यंग्यपूर्ण
- (B) दोषी स्वयं ही सभा से अलग हो जाए।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
