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मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है?

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प्रश्न

मृदा (मिट्टी) का निर्माण किस प्रकार होता है?

टीपा लिहा
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उत्तर

मृदा निर्माण के कारक निम्नलिखित हैं।

  1. सूर्य - दिन के समय सूर्य पत्थर को गर्म क्र देता है जिससे वे प्रसारित (फैलना) हो जाते हैं। रात के समय ये पत्थर ठंडे हो जाते हैं और संकुचित हो जाते हैं। चूँकि पत्थर का प्रत्येक भाग असमान रूप से प्रसारित और संकुचित होता है। जिससे पत्थर में ऐसा बार-बार होने से दरारें पड़ जाती हैं और अंतत: छोटे- छोटे टुकड़ों में विभाजित हो जाते हैं।
  2. पानी - पत्थरों की दरार में जल भरने तथा बाद में जम जाने पर दरारों अधिक चौड़ी हो जाती हैं। बहता जल कठोर पत्थरों को बी तोड़ देता है। तथा उन्हें अपने साथ भ ले जाते हैं। जल पत्थरों के इन कणों को अपने साथ ले जाता है और आगे निक्षेपित के देता है। जिससे मृदा का निर्माण होता है।
  3. वायु - जल की भाँति तेज हवाएँ भी पत्थरोंको तोड़ देती हैं। पत्थर एक दूसरे से टकराने के कर्न टूटते हैं। वायु जल की ही तरह बालु को एक स्थान से दूसरे स्थान तक उड़ा ले जाती है।
  4. जीवित जीव - लाइकेन पत्थर की तरह उगते हैं। वे एक पदार्थ छोड़ते हैं जो पत्थर की सतह को चूर्ण के समान के देता है तथा मृदा की एक पतली परत का निर्माण करता है। इस सतह पर मॉस जैसे दूसरे छोटे पौधे उगने लगते हैं और ये पत्थर को और अधिक तोड़ देते हैं। कभी-कभी बड़े पेड़ो की मूलें दरारों में चली जाती हैं जो इसे चौड़ा के देती हैं।
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