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प्रश्न
‘मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराया जाएगा।’ इस वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद है −
पर्याय
संज्ञा पदबंध
सर्वनाम पदबंध
विशेषण पदबंध
क्रिया-विशेषण पदबंध
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उत्तर
क्रिया-विशेषण पदबंध
स्पष्टीकरण:
“ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर” यह समय बता रहा है और क्रिया ‘फहराया जाएगा’ की विशेषता कर रहा है। इसलिए इसे क्रिया-विशेषण पदबंध कहा जाता है।
संबंधित प्रश्न
नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए −
(क) श्याम का बड़ा भाई रमेश कल आया था। (संज्ञा पदबंध)
(ख) सुनीता परिश्रमी और होशियार लड़की है। (विशेषण पदबंध)
(ग) अरुणिमा धीरे-धीरे चलते हुए वहाँ जा पहुँची। (क्रिया विशेषण पदबंध)
(घ) आयुष सुरभि का चुटकुला सुनकर हँसता रहा। (क्रिया पदबंध)
ऊपर दिए गए वाक्य (क) में रेखांकित अंश में कई पद हैं जो एक पद संज्ञा का काम कर रहे हैं। वाक्य (ख) में तीन पद मिलकर विशेषण पद का काम कर रहे हैं। वाक्य (ग) और (घ) में कई पद मिलकर क्रमश: क्रिया विशेषण और क्रिया का काम कर रहे हैं।
ध्वनियों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं और वाक्य में प्रयुक्त शब्द 'पद' कहलाता है; जैसे - 'पेड़ों पर पक्षी चहचहा रहे थे।' वाक्य में 'पेड़ों' शब्द पद है क्योंकि इसमें अनेक व्याकरणिक बिंदु जुड़ जाते हैं। कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो एक ही पद का काम करता है, पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का एक अंश होता है।
पदबंध मुख्य रुप से चार प्रकार के होते हैं −
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• संज्ञा पदबंध |
• क्रिया पदबंध |
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• विशेषण पदबंध |
• क्रियाविशेषण पदबंध |
वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए −
(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।
(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया।
(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।
(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।
(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरों को ढूँढने में व्यस्त थीं।
‘वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी।’ रेखांकित पदबंध का भेद है -
'निर्भीक और साहसी वज़ीर अली अपने अधिकार के लिए लड़ रहा था।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध है -
क्रिया पदबंध का उदाहरण छाँटिए -
'बादशाह सुलेमान मानव जाति के साथ-साथ पशु पक्षियों के भी राजा हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'हरिहर काका धीरे-धीरे चलते हुए आँगन तक पहुँचे' रेखांकित पदबंध का भेद है-
‘सुलेमान केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे।’ रेखांकित पदबंध का भेद है –
'जीने मरने वाले मनुष्य तो हो सकते हैं पर सही अर्थों में नहीं।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध होगा -
'अकसर हम या तो गुज़रे हुए दिनों की खट्टी-मीठी यादों में उलझे रहते हैं या भविष्य के रंगीन सपने देखते रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
“बार-बार तताँरा का याचना भरा चेहरा उसकी आँखों में तैर जाता।" - इस वाक्य में संज्ञा पदबंध है:
"सबकी सहायता करने वाले आप" आज उदास क्यों हैं? - वाक्य में रेखांकित पदबंध हैः
'मैं हाँफते हुए धीरे-धीरे दौड़ रहा था।' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
'धीरे-धीरे सूरज डूबता जा रहा था।' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
“किसी तरह एक ठंडा और उबाऊ दिन गुज़रने लगा।" - इस वाक्य में संज्ञा पदबंध कौन-सा है?
“वे सिनेमा की चकाचौंध के बीच रहते हुए भी यश और धन-लिप्सा से कोसों दूर ही रहे।” इस वाक्य में क्रिया पदबंध है -
“क्षितीश चटर्जी का फटा हुआ सिर देखकर आँख मिंच जाती थी।'' इस वाक्य में रेखांकित पदबंध है -
‘अंग्रेज़ों की आँखों में धूल झोंकने वाला वह आजमगढ़ की तरफ भाग गया।’ इस वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद है -
“हरिहर काका के प्रति मेरी आसक्ति के अनेक व्यावहारिक और वैचारिक कारण हैं।” -इस वाक्य में रेखांकित का पदबंध भेद है।
