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प्रश्न
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
सुखिनः - ______
पर्याय
अधुना
मित्रतायाः
लघुचेतसाम्
गृहीत्वा
दुःखिनः
दानवाः
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उत्तर
सुखिनः - दुःखिनः
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संबंधित प्रश्न
उच्चारणं कुरुत-
| दुर्भिक्षे | राष्ट्रविप्लवे | विश्वबन्धुत्वम् |
| विश्वसन्ति | उपेक्षाभावाम् | विद्वेषस्य |
| ध्यातव्यम् | दुःखभाक् | प्रदर्शयन्ति |
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
स्वकीयम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अन्यस्य - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
कष्टम् - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
निखिले - ______
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
छात्राः क्रीडाक्षेत्रे कन्दुकात् क्रीडन्ति।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
त्वं किं नाम?
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
गुरुं नमः।
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
शत्रुतायाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
मानवाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
अपहाय - ______
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
बन्धु: |
______ |
______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
घृणाया: |
______ |
______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
कुटुम्बकम् |
______ |
______ |
______ |
|
पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
| ज्ञानविज्ञानयोः | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
