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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता ९ वी

‘मन, वाणी, व्यवहारों में संयम ये मानवता के सोपान हैं’ इसपर अपने विचार व्यक्‍त कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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प्रश्न

‘मन, वाणी, व्यवहारों में संयम ये मानवता के सोपान हैं’ इसपर अपने विचार व्यक्‍त कीजिए।

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

व्यक्ति के विचारों पर नियंत्रण होना चाहिए। मन एक घोड़े की तरह है, जो इंसान को पल भर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा सकता है। यदि मन को खुली छूट दे दी जाए, तो व्यक्ति के पतन में देर नहीं लगती। परिणामस्वरूप व्यक्ति को मानसिक नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।

मीठे शब्द वशीकरण मंत्र के समान होते हैं। परिणामस्वरूप, दूसरे व्यक्ति को आसानी से प्रबंधित किया जाता है। जो शब्द कठोर होते हैं, वे तीर के समान होते हैं। तलवार से हुई क्षति को ठीक किया जा सकता है, लेकिन शब्दों से बने घाव को ठीक नहीं किया जा सकता। मनुष्य को चाहिए कि वह नाप-तोल कर बोले।

व्यक्ति को अपने कार्यों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। यदि कोई व्यक्ति मर्यादाहीन आचरण करता है तो वह समाज में निंदा का पात्र बनता है। इसलिए हमें सोच-विचारकर व्यवहार करना चाहिए।

यदि हम अपने मन, वाणी और व्यवहार को नियंत्रित कर सकें, हम एक मानव बन सकेंगे।

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क्रोध
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पाठ 2.1: क्रोध (पूरक पठन) - स्वाध्याय [पृष्ठ ९९]

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बालभारती Hindi Kumarbharati [Hindi] Standard 9 Maharashtra State Board
पाठ 2.1 क्रोध (पूरक पठन)
स्वाध्याय | Q ३ | पृष्ठ ९९
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