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प्रश्न
मेलनं कुरुत।
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| विपुलम् | श्रेष्ठी |
| श्रीमान् | धाम्ना |
| अनल्पेन | लोचनाभ्याम् |
| निरिच्छः | सार्थवाहः |
| धनवान् | धनम् |
| अधिकतमम् | सुदासः |
| प्रसादवर्षिभ्याम् | नीरजम् |
| हस्तस्थम् | मूल्यम् |
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उत्तर
| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| विपुलम् | धनम् |
| श्रीमान् | सार्थवाहः |
| अनल्पेन | धाम्ना |
| निरिच्छः | सुदासः |
| धनवान् | श्रेष्ठी |
| अधिकतमम् | मूल्यम् |
| प्रसादवर्षिभ्याम् | लोचनाभ्याम् |
| हस्तस्थम् | नीरजम् |
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संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
तयोः विवादं श्रुत्वा सुदासो व्यमृशत्।
(पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
सुदासः कः आसीत्?
पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
पद्यं कदा व्यकसत्?
पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
पद्यं कीदृशम्?
पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
पद्यं विक्रेतुं सुदासः कुत्र स्थितः?
पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
श्रेष्ठी कमलार्थं कियत् मूल्यं दातुम् इच्छति?
माध्यमभाषया उत्तरत।
सुदासः किमर्थं कमलं विक्रेतुं न इच्छति?
माध्यमभाषया उत्तरत ।
सुदासः किमर्थं कमल विक्रेतुं न इच्छति?
क: कं वदति?
‘अहं दश सुवर्णनाणकानि यच्छामि।’
क: कं वदति?
‘एष महाभागः एकं सुवर्णनाणकम् एतस्यार्थे दातुमिच्छति।’
क: कं वदति?
‘वत्स, किमिच्छसि?’
सन्धिविग्रहं कुरुत।
कश्चिदुद्यानपालः
सन्धिविग्रहं कुरुत।
चरणयोरर्घ्यम्
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोऽवदत्
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इत्यब्रवीत्।
समानार्थकशब्दान् लिखत।
तडागः
समानार्थकशब्दान् लिखत।
धनवान् = ......।
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
बहुमूल्यम्
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
क्रेतुम्
