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प्रश्न
‘मैं आकाश बोल रहा हूँ’, इसपर अपने विचार लिखिए।
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उत्तर
हमारी पृथ्वी से बाहर के वातावरण अथवा अंतरिक्ष को ही आकाश कहते है। मैं दिन में नीला, सफ़ेद या लाल रंग का, वही रात में काले रंग का दिखाई देता हूँ। मुझे आसमान के नाम से भी कहा जाता है। मेरे आसपास बहुत ही सुंदर-सुंदर और छोटे-बड़े तारे प्रस्ताव करते है। रात के समय में चाँद भी बहुत खूबसूरत दिखाई देता है। पक्षी आकाश में उड़ना बहुत पसंद करते है। बारिश के मौसम में इंद्रधनुष भी आकाश में दिखाई देता है। इसप्रकार सुबह शाम को अर्थात सूर्योदय और सूर्यास्त के समय मैं बहुत सुंदर दिखाई देता है।
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संजाल:

पाठ (पृथ्वी-आकाश) में इसके लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
कपास में ______
पाठ (पृथ्वी-आकाश) में इसके लिए प्रयुक्त शब्द हैं:
ज्वार के दाने में ______
विशेषताएँ लिखकर प्रवाह तक्ता पूर्ण कीजिए:

विशेषताएँ लिखकर प्रवाह तक्ता पूर्ण कीजिए:

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