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प्रश्न
माँग के नियम की मान्यताएँ स्पष्ट कीजिए।
स्पष्ट करा
नियम
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उत्तर
माँग का नियम निम्नलिखित मान्यताओं पर आधारित है:
- आय का स्थिर स्तर: यदि माँग के नियम को वास्तविक रूप से लागू होना है, तो उपभोक्ताओं की आय स्थिर रहनी चाहिए। यदि आय में वृद्धि होती है, तो लोग दी गई कीमत पर भी अधिक मात्रा में माँग कर सकते हैं।
- जनसंख्या के आकार में कोई परिवर्तन नहीं: यह मान लिया जाता है कि जनसंख्या का आकार अपरिवर्तित रहता है। किसी देश की जनसंख्या के आकार और संरचना में होने वाला कोई भी परिवर्तन वस्तु की कुल माँग को प्रभावित करता है।
- स्थानापन्न वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहना: यह मान लिया जाता है कि स्थानापन्न (विकल्प) वस्तुओं की कीमतें अपरिवर्तित रहती हैं। स्थानापन्न वस्तु की कीमत में कोई भी परिवर्तन संबंधित वस्तु की माँग को प्रभावित करेगा।
- पूरक वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहना: यह मान लिया जाता है कि पूरक वस्तुओं की कीमतें अपरिवर्तित रहती हैं क्योंकि एक वस्तु की कीमत में बदलाव दूसरी वस्तु की माँग को प्रभावित करेगा।
- भविष्य में मूल्य परिवर्तनों की कोई अपेक्षा नहीं: यह मान लिया जाता है कि उपभोक्ता निकट भविष्य में कीमतों में किसी और बदलाव की उम्मीद नहीं करते हैं। यदि उपभोक्ताओं को भविष्य में कीमतें बढ़ने की उम्मीद होती है, तो वे वर्तमान में मौजूदा उच्च कीमतों पर भी अधिक माँग कर सकते हैं।
- रुचियों, आदतों, प्राथमिकताओं और फैशन में कोई बदलाव नहीं: यह मान लिया जाता है कि उपभोक्ताओं की रुचियां, आदतें, प्राथमिकताएं, फैशन आदि अपरिवर्तित रहनी चाहिए। इन कारकों में किसी भी बदलाव से माँग में बदलाव आएगा।
- कराधान नीति में कोई बदलाव नहीं: सरकार की कराधान (टैक्स) नीति का विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की माँग पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है।
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