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मान लो कि तुम एक किताब हो। नीचे दी गई जगह में अपनी कहानी लिखो। मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से ______________

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प्रश्न

मान लो कि तुम एक किताब हो। नीचे दी गई जगह में अपनी कहानी लिखो।

मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से _______________________________
___________________________________________________________

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

मैं एक किताब हूँ। पुराने समय से मनुष्य को ज्ञान बाँटती आ रही हूँ। जब तक ताड़पत्रों, तामपत्रों तथा कागज़ का आविष्कार नहीं हुआ था। लोगों द्वारा पत्थरों की शिलाओं तथा लकड़ी के पत्थरों पर मुझे उकेरा जाता था। मेरा यह स्वरूप बहुत भारी था। लोग मुझे सरलतापूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जा पाते थे। अत: मेरा ज्ञान कुछ ही लोगों तक सीमित था। मैं स्वयं ही अपनी दशा से बहुत परेशान थी। परन्तु धीरे-धीरे ताड़पत्रों का प्रयोग बढ़ा उसके बाद ताम्रपत्रों का तथा बाद में कागज़ का प्रयोग हुआ। फिर क्या था मैं तेज़ी से लोगों की ज्ञान पिपासा शांत करने लगी। समय बदले और युग बदले आज मैं ई-पुस्तक के रूप में भी विद्यमान हूँ। कोई भी चाहे मुझे सरलतापूर्वक पढ़ सकता है। मेरी यात्रा का कोई अंत नहीं है। मैं सदियों से विद्यमान थी और आने वाले हज़ारों सालों तक विद्यमान रहूँगी। मेरे अंदर हर प्रकार का ज्ञान वर्णित करके रखा गया है और यही मेरी विशेषता और महत्वता को प्रदर्शित करता है।

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गद्य (Prose) (Class 7)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 7: पुस्तकें जो अमर हैं - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 2 Class 7
पाठ 7 पुस्तकें जो अमर हैं
अभ्यास | Q 6. | पृष्ठ ४०

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