मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

माध्यमभाषया ससन्दर्भं स्पष्टीकुरुत। पीताम्बरं वीक्ष्य ददौ स्वकन्याम्।

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प्रश्न

माध्यमभाषया ससन्दर्भं स्पष्टीकुरुत।

पीताम्बरं वीक्ष्य ददौ स्वकन्याम्।

दीर्घउत्तर
लघु उत्तर
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उत्तर १

English:

The expression “पीताम्बरं वीक्ष्य ददौ स्वकन्याम्” (“Seeing the one wearing yellow garments/seeing Pitambara, he gave his daughter [in marriage]”) is a classical verse fragment that relies on double entendre (śleṣa) or grammatical punning common in Sanskrit literature. Linguistically, Pitambara can either mean Lord Vishnu (or Krishna) or a human groom dressed in yellow silk, or it can playfully be interpreted through grammar (Bahuvrihi compound) as a wealthy person (“one who possesses yellow silk/wealth”). The humorous or clever context often highlights a practical or worldly situation where a father willingly gives his daughter in marriage simply upon seeing a wealthy or well-dressed suitor.

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उत्तर २

हिंदी:

“पीताम्बरं वीक्ष्य ददौ स्वकन्याम्” (“पीतांबर [पीले वस्त्र] पहने हुए देखकर अपनी कन्या दे दी”) यह संस्कृत साहित्य में श्लेष और व्यंग्य पर आधारित एक प्रसिद्ध पंक्ति है। संस्कृत व्याकरण और काव्य में ‘पीतांबर’ शब्द के कई अर्थ निकलते हैं—एक अर्थ भगवान विष्णु (कृष्ण) है, दूसरा पीले वस्त्र पहने हुए कोई व्यक्ति, और तीसरा व्याकरणिक दृष्टि से समृद्ध व्यक्ति। इस प्रसंग के माध्यम से समाज में वर की आर्थिक स्थिति या सुंदर वस्त्रों देखकर विवाह तय करने की प्रवृत्ति पर बड़ा ही रोचक और हास्यपूर्ण प्रकाश डाला जाता है।

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उत्तर ३

मराठी:

“पीताम्बरं वीक्ष्य ददौ स्वकन्याम्” (“पितांबर [पिवळे वस्त्र] घातलेल्याला पाहून आपली कन्या दिली”) ही संस्कृत साहित्यातील श्लेषालंकार आणि मार्मिक विनोदावर आधारित ओळ आहे. ‘पीतांबर’ या शब्दाचे वेगवेगळे अर्थ निघतात—एक म्हणजे भगवान विष्णू (किंवा श्रीकृष्ण), दुसरा पिवळे वस्त्र परिधान केलेली व्यक्ती, आणि तिसरा म्हणजे व्याकरणानुसार श्रीमंत व्यक्ती. या काव्यपंक्तीद्वारे समाजात केवळ वरची संपत्ती, ऐश्वर्य किंवा थाट पाहून कन्यादान करण्याची व्यावहारिक व कधीकधी उपरोधिक प्रवृत्ती अत्यंत खुबीने स्पष्ट केली जाते.

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पाठ 3: क्षण मनोविनोदनम्‌। - भाषाभ्यासः। [पृष्ठ ७]

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बालभारती Sanskrit Aahlaad Standard 12 Maharashtra State Board
पाठ 3 क्षण मनोविनोदनम्‌।
भाषाभ्यासः। | Q १. ४) | पृष्ठ ७
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