Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| पिबामि | ______ | ______ |
रिकाम्या जागा भरा
Advertisements
उत्तर
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| पिबामि | पिबानि | पिबेयम् |
shaalaa.com
सदैव पुरतो निधेहि चरणम्
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: सदैव पुरतो निधेहि चरणम् - अभ्यासः [पृष्ठ २४]
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पथि के विषमाः प्रखराः?
सततं किं करणीयम्?
त्वं विद्यालयं ______।
मूढ! ______ धनागमतृष्णाम्।
पथि हिंस्रा: पशवः न सन्ति।
वाक्यरचनया अर्थभेदं स्पष्टीकुरुत-
आरोहणम् – अवरोहणम्
वाक्यरचनया अर्थभेदं स्पष्टीकुरुत-
विषमाः – समाः
विद्यालयस्य ______ एकम् उद्यानम् अस्ति।
सत्यम् ______ जयते।
किं भवान् स्नानं कृतवान् ______?
ग्रामं ______ वृक्षा: सन्ति।
______ भगवन्तं भज।
विलोमपदानि योजयत–
| पुरतः | विरक्तिः |
| स्वकीयम् | आगमनम् |
| भीतिः | पृष्ठतः |
| अनुरक्तिः | परकीयम् |
| गमनम् | साहसः |
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| पठति | ______ | ______ |
लट्लकारपदेभ्यः लोट्-विधिलिङ्लकारपदानां निर्माणं कुरुत–
| लट्लकारे | लोट्लकारे | विधिलिङ्लकारे |
| हसतः | ______ | ______ |
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
पथिन् (सप्तमी-एकवचने) - ______
अधोलिखितानि पदानि निर्देशानुसारं परिवर्तयत–
शक्ति (प्रथमा-एकवचने) - ______
