Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य में क्या अंतर है? लिखिए।
(इस प्रश्न के उत्तर के लिए आप अपने सहपाठियों, अभिभावकों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता भी ले सकते हैं।)
फरक स्पष्ट करा
Advertisements
उत्तर
| आधार | लोकनृत्य | शास्त्रीय नृत्य | |
|---|---|---|---|
| 1. | अर्थ | लोकनृत्य सामान्य जनता द्वारा मनोरंजन के लिए किया जाने वाला नृत्य है। | शास्त्रीय नृत्य निश्चित शैली और नियमों के अनुसार प्रस्तुत किया जाने वाला नृत्य है। |
| 2. | प्रस्तुति का रूप | लोकनृत्य सामूहिक रूप से किया जाता है। | शास्त्रीय नृत्य में एक नर्तक अकेला ही काफ़ी होता है। |
| 3. | उद्देश्य | लोकनृत्य नाचने वालों के अपने मन-बहलाव और संतुष्टि के लिए होता है। | शास्त्रीय नृत्य दर्शकों के मनोरंजन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। |
| 4. | शैली और रूप | लोकनृत्य की कोई विशेष निश्चित शैली या रूप नहीं होता। | शास्त्रीय नृत्य की अपनी विशेष शैली और निश्चित रूप होते हैं। |
| 5. | विकास | लोकनृत्य जनता के बीच अनौपचारिक रूप से विकसित हुआ। | शास्त्रीय नृत्य का विकास लोकनृत्य से हुआ, जब उसकी खास शैली और रूप निश्चित हो गए। |
| 6. | उदाहरण | लोकनृत्य के उदाहरण भांगड़ा, गरबा और कजरी आदि हैं। | शास्त्रीय नृत्य के उदाहरण कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथकली और ओडिसी आदि हैं। |
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
