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लोक-लाज खोने का अभिप्राय क्या है?

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प्रश्न

लोक-लाज खोने का अभिप्राय क्या है?

थोडक्यात उत्तर
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उत्तर

उस समय समस्त राजस्थान में पर्दा-प्रथा थी। मुगल शासकों की अय्याशी और अत्याचारों से बचने के लिए स्त्रियाँ घर से बाहर भी नहीं निकलती थीं। वे ऐसे समाज में मीरा कृष्ण का भजन, सत्संग करती गली-गली घूमती थीं। इसे लोक अर्थात् समाज की लाज-मर्यादा का उल्लंघन मानकर लोक-लाज खोना अर्थात् त्यागना कहा गया है।

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मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 2.02: मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई - अभ्यास [पृष्ठ १३८]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh bhag 1 Class 11
पाठ 2.02 मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १३८
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