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प्रश्न
लघुपरिपथ किस कारण निर्मित होता है? उसका क्या प्रभाव होता है?
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उत्तर
जब प्रावस्था तार तथा उदासीन तार आवरणरहित होकर अत्यंत समीप आ जाते हैं या एक-दूसरे को स्पर्श करने लगते हैं अथवा एक-दूसरे से चिपक जाते हैं, तब परिपथ का प्रतिरोध अत्यंत कम हो जाता है। फलतः उस परिपथ में अत्यधिक विद्युतधारा प्रवाहित होने लगती है। इसी स्थिति को 'लघु परिपथन' कहते हैं।
प्रभाव :
- परिपथ में अत्यधिक विद्युतधारा के प्रवाह के कारण, अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। फलतः परिपथ में आग लग जाती है।
- यदि आसपास कोई ज्वलनशील पदार्थ हो, तो इस आग के भयंकर रूप द्वारा जन-धन की भी हानि हो सकती है।
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