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लेखक स्त्री-शिक्षा विरोधियों की किस सोच पर दुख प्रकट करता है?

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प्रश्न

लेखक स्त्री-शिक्षा विरोधियों की किस सोच पर दुख प्रकट करता है?

टीपा लिहा
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उत्तर

लेखक स्त्री-शिक्षा विरोधियों की उस सोच पर दुख व्यक्त करता है जो स्त्रियों को पढ़ाना गृह सुख के नाश का कारण समझते हैं। ये लोग स्वयं में कोई अनपढ़ या गॅवार नहीं हैं बल्कि सुशिक्षित हैं और धर्मशास्त्र और संस्कृत से परिचय रखने वाले हैं। ये लोग अधार्मिकों को धर्म तत्व समझाने वाले हैं फिर भी ऐसी सोच रखते हैं।

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स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन
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