Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘लैमार्कवाद’ किसे कहते हैं? इसके दो उपयोग देकर स्पष्ट कीजिये।
स्पष्ट करा
Advertisements
उत्तर
जीन-बैप्टिस्ट लैमार्क द्वारा प्रस्तावित लैमार्कवाद का सिद्धांत कहता है कि जीवित जीवों में होने वाले रूपात्मक परिवर्तन विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये परिवर्तन “अंगों के उपयोग या अनुपयोग” और “अर्जित गुणों की वंशागति” द्वारा संचालित होते हैं।
लैमार्कवाद को स्पष्ट करने वाले दो उदाहरण:
- जिराफ की लंबी गर्दन: जिराफ के पूर्वज छोटी गर्दन वाले थे। सूखे के दौरान ऊंची शाखाओं की पत्तियों तक पहुँचने की आवश्यकता के कारण, वे अपनी गर्दन को खींचते रहे। यह “अर्जित” लंबी गर्दन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित हो गई।
- न उड़ने वाले पक्षी: शुतुरमुर्ग (Ostrich) या ईमू जैसे पक्षियों के पंख कमजोर हो गए क्योंकि उन्होंने उड़ने के लिए उनका उपयोग करना बंद कर दिया था।
shaalaa.com
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
2025-2026 (March) Official Board Paper
