मराठी

क्या तुम्हारे यहाँ पानी के पैसे चुकाने पड़ते हैं? क्या तुम्हारे यहाँ अलग-अलग इलाकों में पानी का रेट अलग है? बड़ों से पता करो। - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

क्या तुम्हारे यहाँ पानी के पैसे चुकाने पड़ते हैं? क्या तुम्हारे यहाँ अलग-अलग इलाकों में पानी का रेट अलग है? बड़ों से पता करो।

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

हाँ, मेरे यहाँ पानी के पैसे चुकाने पड़ते हैं। अलग-अलग इलाकों में पानी का रेट अलग-अलग है। ग्रामीण इलाके में कम तथा शहरी इलाके में ज्यादा।

shaalaa.com
बूँद-बूँद, दरिया-दरिया...
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: बूँद-बूँद, दरिया-दरिया... - बिल को देखकर बताओ [पृष्ठ ५८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
पाठ 6 बूँद-बूँद, दरिया-दरिया...
बिल को देखकर बताओ | Q 5 | पृष्ठ ५८

संबंधित प्रश्‍न

अपने स्कूल के आस-पास के इलाके को देखो। क्या वहाँ कच्चा मैदान, पक्की सीमेंट से बनी सड़कें, नालियाँ, आदि हैं। इलाका किस तरह का है? जैसे - ढलान वाला, पथरीला या किसी तरह का। तुम्हें क्या लगता है, बारिश का पानी बहकर कहाँ-कहाँ जाता होगा? जैसे - ज़मीन में, नालियों में, पाइपों में, गड्डों में, आदि।


सामने दिए चित्र में निशान लगाओ कि छत पर बरसने वाला पानी ज़मीन के नीचे बने टैंक में कैसे पहुँचेगा।

 


क्या तुम्हारे यहाँ पानी के लिए कुछ खास बर्तन इस्तेमाल होते हैं?


क्या तुम्हारे घर या स्कूल के आस-पास तालाब, कुँआ या बावड़ी बनी है? उसे देखने जाओ और पता भी करो।

पानी साफ़ है या नहीं? क्या इसकी सफ़ाई होती है?


पुनीता के मोहल्ले में दो पुराने कुँए हैं। उसकी दादी बताती हैं कि लगभग 15-20 साल पहले तक उनमें पानी था। क्या कुँए सूखने की कुछ वजह ये हो सकती हैं? चर्चा करो -

  1. कई जगह मोटर लगाकर ज़मीन का पानी निकाला जा रहा है।
  2. तालाब जिनमें बारिश का पानी इकठ्ठा होता था, अब नहीं रहे।
  3. पेड़ों के आस-पास और पार्क में भी ज़मीन को सीमेंट से पक्का कर दिया गया है।
  4. क्या तुम कोई और वजह भी सुझा सकते हो?

ज़िंदगी का हक तो सभी का है। फिर जीने के लिए या पीने भर के लिए पानी मिल जाए - क्या यह हक हर एक को मिल रहा है? ऐसा क्यों है कि कुछ लोगों को तो खरीदकर ही पानी पीना पड़ता है? पृथ्वी पर तो पानी सभी का है, साँझा है। कुछ लोग गहरा बोरिंग करके ज़मीन के नीचे से ज़्यादा पानी खींच लेते हैं यह कहाँ तक सही है। तुमने क्या ऐसा कहीं देखा है? कुछ लोगों को जल बोर्ड के पाइप में टुल्लू पंप क्यों लगाना पड़ रहा होगा? इससे दूसरे लोगों को क्या परेशानी हो रही होगी? तुम्हारा क्या कुछ ऐसा अनुभव है?


इस बिल में दिल्ली जल बोर्ड के नीचे दिल्ली सरकार क्यों लिखा होता है?


तुमने इस तरह की क्या कोई खबर पढ़ी है? लोगों ने मिलकर पानी की परेशानी को कैसे दूर किया? क्या किसी पुराने तालाब या बावड़ी को फिर ठीक करके इस्तेमाल किया?


एक पानी का बिल लाओ। उसे देखकर बताओ - 

इस बिल के लिए कितने पैसे भरने पड़ेंगे?


एक पानी का बिल लाओ। उसे देखकर बताओ - 

इनके अलावा बिल में और क्या-क्या देख पा रहे हो?

जैसे - मरम्मत, टूट-फूट आदि पर हुआ खर्च।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×