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“क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—

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प्रश्न

“क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” बच्चे के मन में यह बात आई क्योंकि—

पर्याय

  • बीमार व्यक्ति को बहुत आराम करने को मिलता है।

  • बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।

  • बीमार व्यक्ति को विद्यालय नहीं जाना पड़ता है।

  • बीमार व्यक्ति अस्पताल में शांति से लेटा रहता है।

MCQ
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उत्तर

बीमार व्यक्ति को अच्छे खाने का आनंद मिलता है।

स्पष्टीकरण:

अस्पताल में बच्चे ने देखा कि सुधाकर काका ठाठ से साफ-सुथरे बिस्तर पर आराम से लेटे हैं और नानीजी उन्हें साबूदाने की खीर बड़े स्वाद से खिला रही हैं। इसीलिए बच्चे के मन में आया, “क्या ठाठ हैं बीमारों के भी!” और वह सोचने लगा, “काश! सुधाकर काका की जगह मैं होता!”

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पाठ 5: नहीं होना बीमार - पाठ से [पृष्ठ ६२]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 5 नहीं होना बीमार
पाठ से | Q (क) (4) | पृष्ठ ६२
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