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प्रश्न
“क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?” अपने घर/विद्यालय के आस-पास, सार्वजनिक संसाधनों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों की स्वच्छता एवं सौंदर्य को बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी, संबंधी क्या-क्या करते हैं?
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उत्तर
सुरुचि और सौंदर्य बनाए रखने के लिए नियम, स्वच्छता, सुंदरता और अनुशासन आवश्यक हैं। यदि लोग जगह-जगह कूड़ा फेंकते हैं, केला खाकर उसके छिलके वहीं छोड़ देते हैं, कागज़ इधर-उधर बिखेर देते हैं, फर्नीचर को नुकसान पहुँचाते हैं, स्टूल और बेंचों को अस्त-व्यस्त कर देते हैं, कमरों के पंखों को टेढ़ा कर देते हैं तथा शौचालयों के स्लैब तोड़ देते हैं, तो वह स्थान गंदा और कुरुचिपूर्ण बन जाता है। ऐसे स्थानों पर कोई जाना पसंद नहीं करता। बस अड्डों के शौचालय अक्सर दुर्गंध से भरे रहते हैं। मैं सदैव सुरुचि और स्वच्छता का ध्यान रखता हूँ। मेरे मित्र भी अच्छे संस्कारों वाले हैं। वे हमेशा कूड़ा कूड़ेदान में ही डालते हैं। यहाँ तक कि टॉफी के रैपर भी पूरे दिन अपनी जेब में रखते हैं ताकि उन्हें उचित स्थान पर फेंका जा सके।
