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कविता में वर्णन है कि मोर नृत्य कर रहे हैं और मेंढक सुगीत गा रहे हैं। इस दृश्य को अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।

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प्रश्न

कविता में वर्णन है कि मोर नृत्य कर रहे हैं और मेंढक सुगीत गा रहे हैं। इस दृश्य को अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

वर्षा के मौसम में जंगल की शोभा देखने लायक हो जाती है। घने बादल छा जाने पर मोर बहुत प्रसन्न हो जाते हैं। वे अपने रंग-बिरंगे पंख फैला देते हैं और बिजली चमकने तथा बादल गरजने पर हरी-भरी घास पर डोल-डोल कर नृत्य करने लगते हैं। लगता है जैसे वे वर्षा के स्वागत में झूम रहे हों। उधर तालाब किनारे मेंढक भी खुशी से उछल-कूद कर रहे हैं। वे आपस में मिलकर प्यारी-प्यारी बोलियों में सुमधुर गीत गा रहे हैं, जैसे वे भी वर्षा देवता का धन्यवाद कह रहे हों। मोरों का नृत्य और मेंढकों का संगीत मिलकर पूरे वन को उत्सव जैसा बना देते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि समूची प्रकृति वर्षा के आने पर आनंद मना रही है।

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पाठ 7: वर्षा-बहार - पाठ से [पृष्ठ ८७]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
पाठ 7 वर्षा-बहार
पाठ से | Q (क) | पृष्ठ ८७
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